सनातन धर्म में मेहमानों को भगवान का रूप मानकर उनका सत्कार करना अत्यंत महत्वपूर्ण है। शास्त्रों में बताए गए शांत मन, मधुर वाणी, शुद्धता और उपहार देने जैसे नियमों का पालन करने से व्यक्ति के जीवन में सुख-शांति बनी रहती है और देवी-देवताओं का वास होता है।