“तीजन बाई से मेरी पहली मुलाकात मध्यप्रदेश आदिवासी लोक कला परिषद के ऑफिस में हुई थी। परिषद की गामक भाऊ साहब यानी खिरवड़कर साहब से थी। कहने को तो वो अफसर थे लेकिन सच्चाई यह कि वे एक स्कूल की तरह थे।”
पद्म विभूषण तीजन बाई के निधन से लोक संस्कृति जगत शोकाकुल है। भोपाल और मध्य प्रदेश से उनके गहरे रिश्तों को याद करते हुए कलाकारों, साहित्यकारों और पत्रकारों ने भावभीनी श्रद्धांजलि अर्पित की।