मोना अग्रवाल का गोल्डन धमाका: वर्ल्ड रिकॉर्ड तोड़कर जीता दूसरा गोल्ड, एशियन पैरा गेम्स में रचा इतिहास

भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा में 357.5 अंक के विश्व रिकॉर्ड के साथ दूसरा स्वर्ण पदक जीता।

भारतीय पैरा निशानेबाज मोना अग्रवाल ने एशियन पैरा गेम्स 2026 में शानदार प्रदर्शन करते हुए दूसरा स्वर्ण पदक अपने नाम कर लिया है। जापान के आइची-नागोया में 23 अक्टूबर को उन्होंने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा के फाइनल में 357.5 अंक हासिल कर विश्व रिकॉर्ड तोड़ा। उन्होंने स्वीडन की अन्ना बेन्सन के 356 अंकों के पिछले रिकॉर्ड को पीछे छोड़ दिया। चीन की झांग कुइपिंग ने रजत और दक्षिण कोरिया की किम म्योंग ने कांस्य पदक जीता।

Asian Para Games 2026: मोना अग्रवाल ने कैसे बनाया विश्व रिकॉर्ड?

मोना अग्रवाल ने महिलाओं की 50 मीटर राइफल थ्री पोजिशंस SH1 स्पर्धा के फाइनल में 357.5 अंक हासिल किए। इस प्रदर्शन के साथ उन्होंने स्वीडन की अन्ना बेन्सन का 356 अंकों का विश्व रिकॉर्ड तोड़ दिया। बेन्सन ने जुलाई 2026 में सर्बिया के नोवी साद में यह रिकॉर्ड बनाया था।

मोना ने इस प्रदर्शन के साथ एशियाई रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ दिया। दक्षिण कोरिया की ली युनरी ने सितंबर में 355.7 अंकों के साथ यह रिकॉर्ड बनाया था।

फाइनल में चीन की झांग कुइपिंग ने 353.7 अंक हासिल कर रजत पदक जीता, जबकि दक्षिण कोरिया की किम म्योंग 344.4 अंकों के साथ तीसरे स्थान पर रहीं। भारत की अवनि लेखरा 333.2 अंकों के साथ चौथे स्थान पर रहीं।

See also  Commonwealth Games 2026: प्रीति और जैसमीन ने बॉक्सिंग में स्वर्ण जीता

पहले 10 मीटर एयर राइफल में भी जीता था गोल्ड

मोना अग्रवाल का एशियन पैरा गेम्स 2026 में यह दूसरा स्वर्ण पदक है। इससे पहले 19 अक्टूबर को उन्होंने महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में 250.0 अंकों के साथ स्वर्ण पदक जीता था।

उस स्पर्धा में भी मोना ने एशियन पैरा गेम्स का रिकॉर्ड बनाया था। भारत की ही अवनि लेखरा ने 249.6 अंक हासिल कर रजत पदक जीता था। इस तरह दोनों भारतीय निशानेबाजों ने प्रतियोगिता में शानदार प्रदर्शन किया था।

अब 50 मीटर राइफल स्पर्धा में विश्व रिकॉर्ड के साथ दूसरा गोल्ड जीतकर मोना ने अपनी उपलब्धियों में एक और बड़ी कामयाबी जोड़ दी है।

कौन हैं मोना अग्रवाल?

राजस्थान के सीकर से ताल्लुक रखने वाली मोना अग्रवाल भारत की प्रमुख पैरा निशानेबाजों में शामिल हैं। उन्होंने दिसंबर 2021 में प्रतिस्पर्धी राइफल शूटिंग की शुरुआत की थी। इससे पहले वह पैरा एथलेटिक्स, पैरा पावरलिफ्टिंग और महिला सिटिंग वॉलीबॉल जैसी खेल गतिविधियों से जुड़ी रही थीं।

साल 2019 में उन्होंने राजस्थान की महिला सिटिंग वॉलीबॉल टीम की कप्तानी करते हुए राष्ट्रीय प्रतियोगिता में स्वर्ण पदक जीतने में अहम भूमिका निभाई थी।

शूटिंग में कदम रखने के बाद भी उन्होंने तेजी से अपनी पहचान बनाई। 2023 में विश्व शूटिंग पैरा स्पोर्ट्स विश्व कप में उन्होंने मिक्स्ड टीम स्पर्धा में कांस्य पदक जीता। उसी साल दक्षिण कोरिया के चांगवोन में 10 मीटर एयर राइफल स्पर्धा में स्वर्ण पदक भी हासिल किया।

See also  Commonwealth Games 2026: लवलीना बोरगोहेन ने सेमीफाइनल में पहुंचकर पक्का किया पदक, भारत की शानदार शुरुआत

पेरिस पैरालंपिक में भी जीता था मेडल

मोना अग्रवाल ने पेरिस पैरालंपिक 2024 में महिलाओं की 10 मीटर एयर राइफल स्टैंडिंग SH1 स्पर्धा में कांस्य पदक जीता था। इस उपलब्धि ने उन्हें अंतरराष्ट्रीय स्तर पर खास पहचान दिलाई।

उनके लगातार शानदार प्रदर्शन के लिए उन्हें 2024 में अर्जुन पुरस्कार से भी सम्मानित किया गया था।

एशियन पैरा गेम्स 2026 में दो स्वर्ण पदक और विश्व रिकॉर्ड के साथ मोना ने एक बार फिर साबित किया है कि वह अंतरराष्ट्रीय पैरा शूटिंग में भारत की मजबूत दावेदारों में शामिल हैं।

भारत के लिए क्यों अहम है मोना की जीत?

मोना अग्रवाल की उपलब्धि भारतीय पैरा खेलों के लिए एक बड़ी कामयाबी है। उन्होंने न केवल स्वर्ण पदक जीता, बल्कि विश्व और एशियाई रिकॉर्ड को भी पीछे छोड़ा।

उनकी सफलता एशियन पैरा गेम्स में भारतीय दल के प्रदर्शन को मजबूती देती है। वहीं, एक ही प्रतियोगिता में दो स्वर्ण पदक जीतना उनके निरंतर प्रदर्शन और प्रतिस्पर्धी क्षमता को दर्शाता है।

अब मोना की इस ऐतिहासिक उपलब्धि पर देशभर के खेल प्रेमियों की नजर है। उनका प्रदर्शन भारतीय पैरा निशानेबाजी के लिए एक यादगार उपलब्धि बन गया है।