संजय राउत का बड़ा दावा; जेल में दिया गया जहर, शायद इसी से हुआ कैंसर’

मुंबई: शिवसेना (UBT) के राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ नेता संजय राउत ने अपनी बीमारी को लेकर एक बड़ा और गंभीर दावा किया है। राउत ने आशंका जताई है कि जेल में रहने के दौरान उनके खाने या पानी में किसी जहरीले पदार्थ की मिलावट की गई हो सकती है और उनके कैंसर की शुरुआत उसी दौरान हुई। हालांकि, उनके इस दावे की स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

राउत के मुताबिक, कांग्रेस नेता और लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी ने भी उनसे मुलाकात के दौरान इस आशंका पर चिंता जताई और मेडिकल टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट कराने की सलाह दी। राउत ने कहा कि राहुल गांधी ने उनसे पूछा कि जेल में रहते हुए उनकी तबीयत इतनी खराब क्यों हुई और शरीर में किसी तरह के विषाक्त पदार्थ की जांच कराने को कहा।

‘जेल में ही शुरू हुई थी बीमारी’

संजय राउत ने कहा कि उन्हें नवंबर 2025 में पेट के कैंसर का पता चला था। उन्होंने दावा किया कि इस बीमारी की शुरुआत जेल में रहने के दौरान ही हुई थी, हालांकि इसका पता जेल से बाहर आने के बाद चला।

राउत ने कहा कि अब उन्हें ऐसा लगने लगा है कि जेल में उनके साथ स्लो पॉइजनिंग की गई हो सकती है। उन्होंने यह भी कहा कि इस आशंका की जांच मेडिकल टेस्ट के जरिए की जानी चाहिए।

राहुल गांधी ने क्या कहा?

राउत के अनुसार, करीब 10 दिन पहले राहुल गांधी ने उनसे मुलाकात की थी। इस दौरान राहुल ने उनके स्वास्थ्य के बारे में जानकारी ली और जेल में उनके साथ हुई किसी संभावित विषबाधा की जांच कराने की सलाह दी।

राउत का कहना है कि राहुल गांधी ने आशंका जताई कि जेल में विपक्षी नेताओं के साथ कुछ भी हो सकता है और इसी वजह से उन्होंने टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट कराने को कहा। यह दावा फिलहाल राउत के बयान पर आधारित है।

2022 में 101 दिन जेल में रहे थे राउत

संजय राउत को अगस्त 2022 में पत्रा चॉल पुनर्विकास मामले से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग केस में गिरफ्तार किया गया था। वह मुंबई की आर्थर रोड जेल में करीब 101 दिन रहे और 9 नवंबर 2022 को जमानत पर बाहर आए थे। बाद में उन्होंने जेल के अपने अनुभवों पर ‘नरकातला स्वर्ग’ नाम से किताब भी लिखी।

नवंबर 2025 में हुआ था पेट के कैंसर का पता

रिपोर्टों के अनुसार, जेल से बाहर आने के करीब तीन साल बाद नवंबर 2025 में राउत को पेट के कैंसर का पता चला। इसके बाद उन्होंने कीमोथेरेपी और रेडिएशन जैसे उपचार कराए। बीमारी के कारण वह कुछ समय तक सार्वजनिक गतिविधियों से भी दूर रहे।

राउत के आरोपों की पुष्टि बाकी

संजय राउत के बयान ने राजनीतिक हलकों में बहस तेज कर दी है। हालांकि, यह स्पष्ट करना जरूरी है कि जेल में जहर दिए जाने या इसी वजह से कैंसर होने की बात की अभी स्वतंत्र चिकित्सकीय या जांच संबंधी पुष्टि नहीं हुई है। राउत ने इस आशंका के समर्थन में टॉक्सिकोलॉजी टेस्ट की बात कही है। अब यह जांच ही बता सकती है कि उनके शरीर में किसी जहरीले पदार्थ के संपर्क के प्रमाण मौजूद हैं या नहीं।

राउत ने इस पूरे मामले को सरकार की कथित कार्रवाई से जोड़ते हुए जेल में बंद विपक्षी नेताओं की सुरक्षा और स्वास्थ्य को लेकर भी सवाल उठाए हैं।