नई दिल्ली।
कांग्रेस संगठन में जल्द बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है।
पार्टी नई टीम तैयार करने में जुटी है।
खास तौर पर युवा चेहरों पर फोकस है।
इसी बीच राहुल गांधी खुद AICC सचिवों के चयन प्रक्रिया पर नजर रख रहे हैं।
करीब 120 युवा नेताओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
अब इनके इंटरव्यू कई चरणों में होंगे।
दरअसल, कांग्रेस संगठन को चुनावी मोड में लाने की तैयारी कर रही है।
इसके लिए ऐसे नेताओं की तलाश है, जो संगठन के साथ चुनावी मैदान में भी प्रभावी साबित हों।
राहुल गांधी की सीधी निगरानी

AICC सचिवों की नई टीम के चयन में राहुल गांधी की भूमिका अहम मानी जा रही है।
शॉर्टलिस्ट किए गए नेताओं के इंटरव्यू कई चरणों में होंगे।
इसके बाद अंतिम नामों पर फैसला होगा।
यानी इस बार सिर्फ पद भरने की कवायद नहीं है।
पार्टी नई पीढ़ी को संगठन में बड़ी जिम्मेदारी देने की तैयारी में है।
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120 युवा नेताओं पर नजर
नई टीम के लिए करीब 120 युवा नेताओं को शॉर्टलिस्ट किया गया है।
इनमें संगठन में काम कर चुके नेताओं को प्राथमिकता मिल सकती है।
साथ ही, अलग-अलग स्तर पर सक्रिय रहे नेताओं को भी मौका मिलने की संभावना है।
हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि सभी पुराने चेहरों की छुट्टी होगी।
जिन नेताओं का प्रदर्शन अच्छा रहा है, उन्हें दोबारा जिम्मेदारी मिल सकती है।
कांग्रेस का फोकस अब चुनावी तैयारी पर
कांग्रेस लगातार अपने संगठन में बदलाव कर रही है।
हाल में कई राज्यों के प्रभारियों में भी बदलाव हुआ है।
पंजाब इसका बड़ा उदाहरण है।
पार्टी ने सचिन पायलट को पंजाब का AICC प्रभारी बनाया है।
वहीं भूपेश बघेल को असम की जिम्मेदारी दी गई है।
ऐसे बदलावों को आगामी चुनावों की तैयारी से जोड़कर देखा जा रहा है।
आखिर युवा चेहरों पर इतना जोर क्यों?
कांग्रेस लंबे समय से संगठन में युवा नेतृत्व को बढ़ाने की बात करती रही है।
अब इसे जमीन पर उतारने की कोशिश नजर आ रही है।
पार्टी चाहती है कि संगठन ज्यादा सक्रिय हो।
राज्यों में पकड़ मजबूत हो।
और चुनावी तैयारियां समय से शुरू हों।
यही वजह है कि नई टीम में युवा और प्रदर्शन करने वाले नेताओं को प्राथमिकता मिलने के संकेत हैं।
2029 की तैयारी भी नजर में
कांग्रेस के सामने आने वाले वर्षों में कई विधानसभा चुनाव हैं।
इसके बाद 2029 का लोकसभा चुनाव भी है।
ऐसे में AICC की नई टीम को सिर्फ संगठनात्मक नियुक्ति के तौर पर नहीं देखा जा रहा है।
यह कांग्रेस की लंबी चुनावी रणनीति का हिस्सा भी हो सकती है।
राहुल गांधी को 2029 के लिए विपक्षी गठबंधन का प्रधानमंत्री चेहरा बनाने की मांग समय-समय पर उठती रही है।
हालांकि, INDIA गठबंधन ने इस पर अभी कोई औपचारिक फैसला नहीं किया है।
CPI(M) महासचिव एमए बेबी ने भी राहुल गांधी को गठबंधन का PM चेहरा घोषित करने को जल्दबाजी बताया है।
अब किस पर टिकेगी नजर?

फिलहाल 120 नामों की शॉर्टलिस्ट सामने आई है।
अंतिम सूची अभी बाकी है।
अब इंटरव्यू के बाद तस्वीर साफ होगी।
कौन बनेगा AICC सचिव?
किसे महत्वपूर्ण राज्य की जिम्मेदारी मिलेगी?
और कितने नए चेहरों को मौका मिलेगा?
इन सवालों के जवाब आने वाले दिनों में मिलेंगे।
एक बात जरूर साफ है।
कांग्रेस संगठन में नई पीढ़ी को आगे लाने की तैयारी तेज हो गई है।
और इस पूरी कवायद पर राहुल गांधी की सीधी नजर इसे और महत्वपूर्ण बना रही है।