नई दिल्ली। चुनाव आयोग की विशेष गहन समीक्षा (Special Intensive Revision) प्रक्रिया को लेकर सियासी घमासान तेज हो गया है। भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष पर लोकतांत्रिक संस्थाओं को कटघरे में खड़ा करने का आरोप लगाते हुए कहा कि मुख्य न्यायाधीश (CJI) को लिखा गया पत्र लोकतंत्र की रक्षा नहीं, बल्कि उसे कमजोर करने का एक असफल प्रयास है।
विपक्ष ने जताई मतदाता सूची को लेकर चिंता
विपक्षी दलों ने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर चुनाव आयोग की विशेष गहन समीक्षा प्रक्रिया पर सवाल उठाए हैं। उनका आरोप है कि इस प्रक्रिया के कारण मतदाता सूची में गड़बड़ियों की आशंका बढ़ सकती है और इससे निष्पक्ष चुनाव व्यवस्था प्रभावित हो सकती है।
विपक्ष का कहना है कि मतदाता सूची के पुनरीक्षण के दौरान पारदर्शिता और निष्पक्षता सुनिश्चित की जानी चाहिए, ताकि किसी भी पात्र मतदाता का नाम सूची से बाहर न हो।
भाजपा का पलटवार
भाजपा सांसद सुधांशु त्रिवेदी ने विपक्ष के आरोपों को निराधार बताते हुए कहा कि चुनाव आयोग की समीक्षा प्रक्रिया पूरी तरह से संवैधानिक, कानूनी और स्थापित नियमों के अनुरूप है।
उन्होंने कहा, “मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर अनावश्यक विवाद खड़ा करने की कोशिश की जा रही है। यह लोकतांत्रिक संस्थाओं पर अविश्वास जताने का प्रयास है, जो सफल नहीं होगा।”
बढ़ी राजनीतिक तल्खी
मतदाता सूची की विशेष समीक्षा को लेकर भाजपा और विपक्ष आमने-सामने हैं। जहां विपक्ष इसे चुनावी प्रक्रिया की निष्पक्षता से जोड़कर देख रहा है, वहीं भाजपा इसे मतदाता सूची को पारदर्शी और त्रुटिरहित बनाने की नियमित प्रक्रिया बता रही है।