वरिष्ठ अधिवक्ता और राज्यसभा सांसद Kapil Sibal के एक बयान ने देश की राजनीति में नई बहस छेड़ दी है। टीएमसी सांसद Abhishek Banerjee पर हुए कथित हमले के बाद कपिल सिब्बल ने कहा कि उन्हें ऐसे देश में रहने पर शर्म महसूस होती है, जहां सत्ता में बैठी पार्टी लोकतंत्र की जड़ों को कमजोर करने के लिए हर संभव तरीका अपनाती है।
सिब्बल के इस बयान के बाद भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया देते हुए इसे देश, लोकतंत्र और करोड़ों भारतीय मतदाताओं का अपमान बताया है।
क्या कहा था कपिल सिब्बल ने?
कपिल सिब्बल ने अपने बयान में आरोप लगाया कि देश में लोकतांत्रिक मूल्यों को कमजोर किया जा रहा है। उनका इशारा केंद्र की सत्तारूढ़ पार्टी बीजेपी की ओर माना गया। बयान सामने आते ही राजनीतिक गलियारों में इसे लेकर प्रतिक्रियाओं का दौर शुरू हो गया।
बीजेपी का पलटवार
बीजेपी के राष्ट्रीय प्रवक्ता Shehzad Poonawalla ने वीडियो संदेश जारी कर सिब्बल पर कई सवाल उठाए।
बीजेपी के प्रमुख आरोप
- सिब्बल देश की सर्वोच्च अदालत में वकालत कर करोड़ों रुपये कमाते हैं, फिर भी देश में रहने को शर्मिंदगी बता रहे हैं।
- 2021 में West Bengal में चुनाव बाद हुई हिंसा पर उन्होंने कोई प्रतिक्रिया नहीं दी।
- आरजी कर और संदेशखाली जैसे मामलों में भी उनकी चुप्पी पर सवाल उठाए गए।
- बीजेपी का विरोध और देश का विरोध अलग-अलग बातें हैं।
पूनावाला ने कहा कि राजनीतिक असहमति लोकतंत्र का हिस्सा है, लेकिन देश और लोकतांत्रिक संस्थाओं को निशाना बनाना उचित नहीं है।
राहुल गांधी का भी किया जिक्र
बीजेपी प्रवक्ता ने इस दौरान Rahul Gandhi का भी नाम लिया। उन्होंने आरोप लगाया कि विपक्ष लगातार भारत की लोकतांत्रिक व्यवस्था और संस्थाओं को लेकर नकारात्मक संदेश देने की कोशिश करता रहा है।
हालांकि कांग्रेस और विपक्षी दलों की ओर से इन आरोपों पर अभी कोई विस्तृत प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
अभिषेक बनर्जी हमले पर क्या कहा बीजेपी ने?
बीजेपी ने स्पष्ट किया कि अभिषेक बनर्जी पर हुए हमले का समर्थन कोई नहीं कर सकता। हालांकि पार्टी ने दावा किया कि मामले में गिरफ्तार कुछ लोगों के संबंध भी कथित तौर पर टीएमसी से जुड़े बताए जा रहे हैं।
बीजेपी का कहना है कि इस घटना को लेकर विपक्षी दलों की प्रतिक्रियाएं भी सवालों के घेरे में हैं।
प्रदीप भंडारी ने भी साधा निशाना
बीजेपी प्रवक्ता Pradeep Bhandari ने भी कपिल सिब्बल के बयान की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह बयान भारत के लोकतंत्र, मतदाताओं और संवैधानिक व्यवस्था का अपमान है।
विवाद क्यों बढ़ा?
- कपिल सिब्बल ने लोकतंत्र को लेकर चिंता जताई।
- बीजेपी ने इसे भारत विरोधी बयान बताया।
- बंगाल हिंसा और अन्य मामलों को लेकर सवाल उठाए गए।
- बयान के बाद राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप तेज हो गए।
कपिल सिब्बल के बयान ने एक बार फिर राजनीतिक विमर्श को गरमा दिया है। जहां विपक्ष लोकतांत्रिक संस्थाओं को लेकर सवाल उठा रहा है, वहीं बीजेपी इसे देश की छवि और लोकतंत्र का अपमान बता रही है। आने वाले दिनों में यह मुद्दा राजनीतिक बहस का बड़ा विषय बना रह सकता है।
















