बीजेपी सांसद मेधा कुलकर्णी ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुणे में आयोजित एक सम्मान समारोह में उन्हें पहली पंक्ति में बैठने से रोका गया क्योंकि वह ब्राह्मण हैं। यह घटना महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में हुई। मेधा कुलकर्णी ने कहा कि उन्हें पहली पंक्ति में बैठने से रोकने के लिए विधायक अभिमन्यु पवार ने जाति का मुद्दा उठाया। हालांकि, पवार ने इन आरोपों को गलतफहमी बताया।
जातिगत भेदभाव का आरोप
बीजेपी सांसद मेधा कुलकर्णी ने अपनी ही पार्टी के विधायक पर जातिगत भेदभाव का आरोप लगाया। उन्होंने कहा कि पुणे में आयोजित एक सम्मान समारोह में उन्हें पहली पंक्ति में बैठने से रोका गया क्योंकि वह ब्राह्मण हैं।
मेधा कुलकर्णी ने कहा कि उन्हें पहली पंक्ति में बैठने से रोकने के लिए विधायक अभिमन्यु पवार ने जाति का मुद्दा उठाया। उन्होंने कहा कि यह घटना महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस की मौजूदगी में हुई।
विधायक का जवाब
विधायक अभिमन्यु पवार ने इन आरोपों को गलतफहमी बताया। उन्होंने कहा कि उन्होंने सिर्फ इतना कहा था कि नरेंद्र पाटिल महामंडल के अध्यक्ष हैं इसलिए वह पहली पंक्ति में बैठ सकते हैं।
पवार ने कहा कि यहां जाति का कोई मुद्दा नहीं है। उन्होंने कहा कि वहां कई लोग मौजूद थे और उन्होंने सुना कि उन्होंने क्या कहा।
जातिगत भेदभाव के मुद्दे पर चर्चा
जातिगत भेदभाव के मुद्दे पर जानें क्या कहते हैं एक्सपर्ट। उन्होंने कहा कि जातिगत भेदभाव एक गंभीर समस्या है जो समाज में व्याप्त है।
उन्होंने कहा कि इस समस्या का समाधान निकालने के लिए हमें एकजुट होना होगा और जातिगत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
- जातिगत भेदभाव एक गंभीर समस्या है जो समाज में व्याप्त है।
- इस समस्या का समाधान निकालने के लिए हमें एकजुट होना होगा और जातिगत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
- जातिगत भेदभाव के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए हमें एक मंच पर आना होगा।
जातिगत भेदभाव का मुद्दा एक गंभीर समस्या है जो समाज में व्याप्त है। हमें इस समस्या का समाधान निकालने के लिए एकजुट होना होगा और जातिगत भेदभाव के खिलाफ आवाज उठानी होगी।
हमें जातिगत भेदभाव के मुद्दे पर चर्चा करने के लिए एक मंच पर आना होगा और इस समस्या का समाधान निकालने के लिए काम करना होगा।