छत्तीसगढ़ में ठाकरे गुट को छोड़ शिंदे गुट में शामिल हुई शिवसेना की इकाई

  रायपुर

महाराष्ट्र के पूर्व मुख्यमंत्री उद्धव ठाकरे को छत्तीसगढ़ में भी बड़ा झटका लगा है. यहां शिवसेना की प्रदेश इकाई ने ठाकरे गुट को छोड़कर एकनाथ शिंदे के खेमे में भरोसा जताया है. शुक्रवार को शिवसेना इकाई ठाकरे गुट को छोड़कर शिंदे में शामिल हो गई.

छत्तीसगढ़ शिवसेना प्रमुख धनंजय परिहार, मधुकर पांडे और रेशम जांगड़े के नेतृत्व में बीते दिनों शिवसैनिक मुंबई पहुंचे और महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे से मुलाकात की. उसके बाद धनंजय सिंह परिहार ने शिंदे गुट पर अपना विश्वास व्यक्त किया. धनंजय परिहार ने भी शिंदे को छत्तीसगढ़ आने का न्योता दिया.

जून में उद्धव के खिलाफ हुई थी बगावत

बता दें कि महाराष्ट्र में 2 महीने पहले बड़ी सियासी उठापटक देखने को मिली थी. एकनाथ शिंदे के नेतृत्व में शिवसैनिकों के 38 विधायकों ने बगावत कर दी थी. महाविकास अघाड़ी सरकार अल्पमत में आ गई थी. जिसके बाद उद्धव ठाकरे को मुख्यमंत्री पद से इस्तीफा देना पड़ा था. बाद में एकनाथ शिंदे गुट ने बीजेपी के साथ गठबंधन किया और सरकार बना ली थी. शिंदे को मुख्यमंत्री बनाया गया था. जबकि बीजेपी देवेंद्र फडणवीस डिप्टी सीएम बने थे. अब शिंदे और उद्धव गुट में पार्टी को लेकर विवाद चल रहा है. इस संबंध में मामला सुप्रीम कोर्ट तक पहुंच गया है.

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शिंदे गुट में शामिल हो रहे हैं बड़े नेता

वहीं, महाराष्ट्र की सत्ता हाथ में आने के बाद शिंदे गुट को राज्य में समर्थन भी मिलने लगा है. कई बड़े नेता उद्धव का साथ छोड़कर शिंदे गुट में शामिल हुए हैं. ठाणे के पूर्व मेयर और शिवसेना के जिलाध्यक्ष नरेश म्हस्के ने भी एकनाथ शिंदे के समर्थन में अपने पद से इस्तीफा दे दिया था. उन्होंने एनसीपी द्वारा शिवसेना का गला घोंटने का आरोप लगाते हुए सीएम उद्धव ठाकरे को भी पत्र लिखा था.

शिंदे ने कहा था- अजगर के चंगुल से मुक्त हो रहा हूं…

एमवीए गठबंधन छोड़ने के बाद शिंदे ने एक ट्वीट में कहा था- मैं शिवसेना और शिवसैनिकों को एमवीए के अजगर के चंगुल से मुक्त कराने के लिए संघर्ष कर रहा हूं. यह लड़ाई आप सभी शिवसैनिकों के लाभ के लिए है.

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