मालगाड़ी ने पैदा किया ‘द बर्निंग ट्रेन’ जैसा सीन,अफसरों के छूटा पसीना

कठुआ,जम्मू। यदि आपने80 के दशक में आई हिंदी फिल्म ‘द बर्निंग ट्रेन’ देखी है तो उस दृश्य की कल्पना आप आसानी से कर पाएंगे जिसमें जलती हुई ट्रेन को रेत,मिट्टी के बनाए ऊँचे टीले पर चढ़ाकर बमुश्किल रोका गया है..

जम्मू में एक मालगाड़ी के कोच में आग तो नहीं थी,लेकिन बिना ड्राइवर के 80 किमी प्रति घंटा की रफ्तार से दौड़ती इस घटना का दृश्य भी कुछ फिल्मी सीन की तरह रहा। इसे भी लकड़ी के स्टॉपर लगाकर बमुश्किल 78 किमी.दूर रोका जा सका।पठानकोट रेलवे स्टेशन से स्पीड में निकलती मालगाड़ी। कई स्टेशनों पर इसे रोकने की कोशिश की गई। - Dainik Bhaskar

जम्मू-कश्मीर के कठुआ से मालगाड़ी (14806R) बिना ड्राइवर-गार्ड के चल कर पंजाब पहुंच गई। करीब 78 किलोमीटर तक मालगाड़ी ऐसे ही दौड़ती रही। होशियारपुर के ऊंची बस्सी रेलवे स्टेशन पर लकड़ी के स्टॉपर लगाकर उसे रोका गया। घटना के बाद रेल मंत्री अश्विनी वैष्णव ने जांच के आदेश दिए हैं।

कठुआ रेलवे स्टेशन पर ड्राइवर मालगाड़ी का इंजन स्टार्ट कर बिना हैंड ब्रेक लगाए नीचे उतर गया था। पठानकोट की तरफ ढलान होने की वजह से मालगाड़ी चल पड़ी।

रेलवे के अधिकारियों को मालगाड़ी के चलने का पता चला तो उसे कठुआ रेलवे स्टेशन पर रोकने की कोशिश की गई, लेकिन वह सफल नहीं हुए। कुछ देर में मालगाड़ी ने रफ्तार पकड़ ली। देखते ही देखते मालगाड़ी की रफ्तार 80/KM प्रति घंटे तक पहुंच गई।

कई स्टेशनों पर रोकने की कोशिश की
कठुआ रेलवे स्टेशन के अधिकारियों ने तुरंत पंजाब के पठानकोट में सुजानपुर रेलवे स्टेशन के रेलवे अधिकारियों से संपर्क किया। वहां भी ट्रेन को रोकने की कोशिश की गई। रेलवे लाइन पर स्टॉपर लगाए गए। इस बार भी कोशिश विफल रही और मालगाड़ी स्टेशन क्रॉस कर गई। इसके बाद मालगाड़ी को पठानकोट कैंट, कंडरोड़ी, मीरथल, बंगला और मुकेरियां में भी रोकने की कोशिश की गई।बिना ड्राइवर के मालगड़ी को ऊंची बस्सी होशियारपुर में रोका गया।

धीरे-धीरे मालगाड़ी की रफ्तार कम होती चली गई। आखिर में होशियारपुर के ऊंची बस्सी रेलवे स्टेशन पर लगाए गए लकड़ी के स्टॉपर से मालगाड़ी रुक गई।

रेलवे ट्रैफिक मैनेजर बोले- जांच शुरू की
जम्मू रेलवे डिवीजन ट्रैफिक मैनेजर ने बताया कि घटना का कारण जानने की कोशिश की जा रही है। भविष्य में इसी तरह की घटनाओं को रोकने के लिए किसी भी संभावित सुरक्षा चूक की पहचान करने के लिए मामले की जांच शुरू कर दी गई है। अधिकारी ऐसी घटनाओं से बचने के लिए सख्त सुरक्षा प्रोटोकॉल लागू करने, नियमित रखरखाव जांच और उचित ट्रेन ब्रेक और सिग्नलिंग सिस्टम सुनिश्चित करने जैसे एहतियाती कदम उठा रहे हैं।

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