SMS of Death: एक अदृश्य SMS से ठप हो सकता है आपका Android फोन, कॉलिंग सिस्टम क्रैश होने का खतरा

Android में SMS of Death नाम की सुरक्षा खामी सामने आई है। खास WAP Push SMS से फोन की कॉलिंग सर्विस क्रैश हो सकती है। जानें बचाव के तरीके।

स्मार्टफोन इस्तेमाल करने वाले करोड़ों लोगों के लिए साइबर सुरक्षा से जुड़ी एक गंभीर चेतावनी सामने आई है। Android स्मार्टफोन में “SMS of Death” नाम की एक खतरनाक सिक्योरिटी खामी का पता चला है। इसकी मदद से साइबर हमलावर एक खास तरह का SMS भेजकर फोन के कॉलिंग सिस्टम को क्रैश कर सकते हैं। सबसे चिंताजनक बात यह है कि इस हमले के लिए यूजर को मैसेज खोलने या किसी लिंक पर क्लिक करने की जरूरत नहीं पड़ती।

साइबर सुरक्षा शोधकर्ता मार्क ब्लास्जिक ने इस खामी का पता लगाया है। रिपोर्ट के मुताबिक, इसका असर Android 12 से लेकर नए वर्जन तक के कुछ डिवाइस पर हो सकता है। हालांकि, सभी फोन प्रभावित हैं या नहीं, इसकी पुष्टि नहीं हुई है। फोन को मिलने वाले सिक्योरिटी अपडेट के आधार पर जोखिम अलग-अलग हो सकता है।

क्या है SMS of Death?

SMS of Death एक खास तरीके से तैयार किया गया WAP Push SMS है। WAP Push एक पुरानी तकनीक है, जिसके जरिए मोबाइल नेटवर्क फोन पर कुछ निर्देश या कॉन्फिगरेशन जानकारी भेज सकता है।

इस खामी में SMS को इस तरह तैयार किया जाता है कि Android का टेलीफोनी सिस्टम उसे प्रोसेस करते समय क्रैश हो जाए। यह मैसेज सामान्य SMS की तरह इनबॉक्स में दिखाई भी नहीं देता। यानी यूजर को पता तक नहीं चलता कि उसके फोन पर कोई संदिग्ध संदेश आया है।

सुरक्षा शोधकर्ता के मुताबिक, इस हमले में यूजर की किसी गतिविधि की जरूरत नहीं होती। न मैसेज खोलना पड़ता है और न ही किसी लिंक पर क्लिक करना पड़ता है।

फोन की कॉलिंग सर्विस हो सकती है क्रैश

SMS of Death का सबसे बड़ा खतरा Android के उस सिस्टम पर असर डालना है, जो फोन कॉल और मोबाइल नेटवर्क से जुड़ी सेवाओं को संभालता है।

इस खामी के कारण:

  • फोन पर चल रही कॉल अचानक कट सकती है।
  • कुछ समय के लिए मोबाइल नेटवर्क सेवा बाधित हो सकती है।
  • इमरजेंसी नंबर पर कॉल करने में भी परेशानी आ सकती है।
  • बार-बार ऐसे मैसेज मिलने पर फोन लगातार क्रैश हो सकता है।

इसका मतलब है कि यह खामी केवल फोन इस्तेमाल करने में परेशानी पैदा नहीं करती, बल्कि आपात स्थिति में संपर्क करने की क्षमता को भी प्रभावित कर सकती है।

करीब 20 मैसेज से फोन हो सकता है बेकार

शोधकर्ता के अनुसार, एक ऐसा मैसेज फोन की कॉलिंग सर्विस को क्रैश कर सकता है। यदि इस तरह के कई मैसेज लगातार भेजे जाएं, तो स्थिति और गंभीर हो सकती है।

फोन बार-बार उसी संदेश को प्रोसेस करने की कोशिश करता है और हर बार सिस्टम क्रैश हो सकता है। इस स्थिति को बूटलूप कहा जाता है। इसमें फोन ठीक से चालू नहीं हो पाता या बार-बार रीस्टार्ट होने लगता है।

रिपोर्ट में करीब 20 ऐसे मैसेज से डिवाइस को लंबे समय तक अनुपयोगी बनाने की आशंका जताई गई है। हालांकि, वास्तविक असर डिवाइस, सॉफ्टवेयर वर्जन और हमले की परिस्थितियों पर निर्भर कर सकता है।

इनबॉक्स में नहीं दिखता संदिग्ध SMS

इस खामी की एक और गंभीर बात यह है कि प्रभावित करने वाला संदेश सामान्य SMS इनबॉक्स में दिखाई नहीं देता। फोन उसे बैकग्राउंड में प्रोसेस करता है और इसी दौरान सिस्टम क्रैश हो सकता है।

इस वजह से यूजर को न तो कोई सामान्य मैसेज नोटिफिकेशन मिलता है और न ही वह आसानी से उस संदेश को पहचान पाता है। इसलिए केवल अनजान नंबर से आए SMS को नजरअंदाज करना इस समस्या का पूरा समाधान नहीं है।

फैक्ट्री रीसेट करने पर भी आ सकती है परेशानी

रिपोर्ट के मुताबिक, फोन को फैक्ट्री रीसेट करना हर स्थिति में स्थायी समाधान नहीं हो सकता। इसकी वजह यह बताई गई है कि नेटवर्क ऑपरेटर द्वारा डिलीवर न हो पाए संदेश को दोबारा भेजने की कोशिश की जा सकती है।

यदि फोन फिर से वही संदेश प्राप्त करता है, तो सिस्टम दोबारा क्रैश हो सकता है। ऐसे मामलों में तकनीकी सहायता की जरूरत पड़ सकती है। शोधकर्ता के अनुसार, कुछ स्थितियों में कंप्यूटर और Android Debug Bridge (ADB) जैसे तकनीकी टूल की मदद से समस्या को ठीक करना संभव हो सकता है।

इसलिए फोन लगातार क्रैश हो रहा हो, तो बिना विशेषज्ञ सलाह के बार-बार फैक्ट्री रीसेट करने के बजाय अधिकृत सर्विस सेंटर या तकनीकी सहायता से संपर्क करना बेहतर है।

Google ने तैयार किया सिक्योरिटी पैच

रिपोर्ट के मुताबिक, शोधकर्ता ने 5 मई 2026 को इस खामी की जानकारी Google को दी थी। शुरुआत में रिपोर्ट को लेकर असहमति रही, लेकिन बाद में Android के कोड में इसे ठीक करने के लिए बदलाव किए गए।

साइबर सुरक्षा रिपोर्टों के अनुसार, इस समस्या के समाधान से जुड़ा पैच Android के अक्टूबर 2026 सिक्योरिटी अपडेट में शामिल किया गया है। Android 14 से 17 तक के लिए अपडेट उपलब्ध होने की जानकारी दी गई है। हालांकि, हर स्मार्टफोन निर्माता अपने डिवाइस पर अपडेट अलग-अलग समय पर जारी करता है।

इसलिए केवल Android वर्जन देखकर यह मान लेना सही नहीं होगा कि फोन सुरक्षित है। यह जांचना जरूरी है कि आपके डिवाइस को नवीनतम सिक्योरिटी पैच मिला है या नहीं।

Android यूजर्स अपने फोन को कैसे सुरक्षित रखें?

इस तरह की सुरक्षा खामी से बचाव के लिए यूजर्स को अपने स्मार्टफोन का सॉफ्टवेयर अपडेट रखना चाहिए।

ये सावधानियां बरतें:

  1. फोन की Settings में जाकर Software Update या System Update चेक करें।
  2. उपलब्ध नवीनतम Android सिक्योरिटी अपडेट इंस्टॉल करें।
  3. फोन निर्माता की आधिकारिक वेबसाइट पर अपने मॉडल के लिए जारी सिक्योरिटी अपडेट की जानकारी देखें।
  4. यदि फोन बार-बार रीस्टार्ट हो रहा है या कॉलिंग सेवा अचानक बंद हो रही है, तो अधिकृत सर्विस सेंटर से संपर्क करें।
  5. किसी अनजान व्यक्ति को फोन का रिमोट एक्सेस या निजी जानकारी न दें।

ध्यान रखें कि यह हमला सामान्य फिशिंग SMS से अलग है। इसमें यूजर को लिंक खोलने की जरूरत नहीं होती, इसलिए सबसे महत्वपूर्ण बचाव फोन को नवीनतम सिक्योरिटी पैच से अपडेट रखना है।

किन स्मार्टफोन पर है खतरा?

शोधकर्ता के परीक्षण और शुरुआती रिपोर्टों में Google Pixel और Samsung Galaxy सीरीज के कुछ स्मार्टफोन पर इस खामी को दोहराए जाने की जानकारी दी गई है। रिपोर्ट में Android 12 और उसके बाद के वर्जन को संभावित रूप से प्रभावित बताया गया है।

हालांकि, इसका मतलब यह नहीं है कि हर Android फोन निश्चित रूप से असुरक्षित है। जिन डिवाइस को संबंधित सिक्योरिटी पैच मिल चुका है, उनमें जोखिम कम हो सकता है। पुराने फोन, जिन्हें अब नियमित सुरक्षा अपडेट नहीं मिलते, उनके यूजर्स को विशेष सावधानी बरतनी चाहिए।

SMS of Death ने एक बार फिर दिखाया है कि स्मार्टफोन की सुरक्षा केवल मजबूत पासवर्ड या संदिग्ध लिंक से बचने तक सीमित नहीं है। फोन का ऑपरेटिंग सिस्टम और सिक्योरिटी पैच अपडेट रखना भी बेहद जरूरी है।