कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षुता के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत विशेष कार्यक्रम के विस्तार की शुरुआत की है। इस कार्यक्रम का कार्यान्वयन भारतीय उद्यमिता संस्थान करेगा। मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों में प्रशिक्षुता की पहुंच बढ़ाना, उद्योगों और सरकारी संस्थानों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है। इसके अलावा, यह पहल पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में मदद करेगी। हालांकि, इसके लिए वित्तीय आवंटन की आवश्यकता होगी। इसके बाद, मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस पहल का लक्ष्य बढ़ाकर 30,000 प्रशिक्षु निर्धारित किया है, जो प्रायोगिक चरण की तुलना में लगभग 15% अधिक है।
प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत विशेष कार्यक्रम
कौशल विकास और उद्यमिता मंत्रालय ने पूर्वोत्तर क्षेत्र के युवाओं के लिए गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षुता के अवसर बढ़ाने के उद्देश्य से प्रधानमंत्री राष्ट्रीय प्रशिक्षुता प्रोत्साहन योजना के तहत विशेष कार्यक्रम के विस्तार की शुरुआत की है।
इस कार्यक्रम का कार्यान्वयन भारतीय उद्यमिता संस्थान करेगा। मंत्रालय ने कहा कि इस पहल का उद्देश्य पूर्वोत्तर के सभी आठ राज्यों में प्रशिक्षुता की पहुंच बढ़ाना, उद्योगों और सरकारी संस्थानों की भागीदारी को प्रोत्साहित करना तथा युवाओं के लिए रोजगार के नए अवसर तैयार करना है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में मदद
यह पहल पूर्वोत्तर क्षेत्र में स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र को मजबूत करने में मदद करेगी। हालांकि, इसके लिए वित्तीय आवंटन की आवश्यकता होगी।
मंत्रालय ने वित्त वर्ष 2026-27 के लिए इस पहल का लक्ष्य बढ़ाकर 30,000 प्रशिक्षु निर्धारित किया है, जो प्रायोगिक चरण की तुलना में लगभग 15% अधिक है।
Skill India Mission के तहत प्रशिक्षुता कार्यक्रम
केंद्रीय कौशल विकास एवं उद्यमिता राज्य मंत्री (स्वतंत्र प्रभार) तथा शिक्षा राज्य मंत्री जयंत चौधरी ने कहा कि पूर्वोत्तर क्षेत्र देश की सबसे बड़ी ताकतों में से एक है, जहां प्रतिभाशाली और महत्वाकांक्षी युवा राष्ट्र निर्माण में योगदान देने के लिए तैयार हैं।
उन्होंने कहा कि प्रायोगिक परियोजना की सफलता ने साबित किया है कि सही अवसर और सहयोग मिलने पर युवा अपनी पूरी क्षमता का प्रदर्शन कर सकते हैं। स्किल इंडिया मिशन के तहत प्रशिक्षुता कार्यक्रम को बढ़ावा देने के लिए सरकार ने वित्त वर्ष 2026-27 में 57.58 करोड़ रुपए का वित्तीय आवंटन किया है।
पूर्वोत्तर क्षेत्र में युवा रोजगार के अवसर
विस्तारित योजना से गुणवत्तापूर्ण प्रशिक्षुता तक पहुंच बढ़ेगी, स्थानीय पारिस्थितिकी तंत्र मजबूत होगा और उद्योगों की भागीदारी में वृद्धि होगी।
विस्तारित योजना के तहत पीएम-एनएपीएस के अंतर्गत मिलने वाली सहायता के अलावा प्रशिक्षुओं को 1,500 रुपए प्रतिमाह का अतिरिक्त वित्तीय प्रोत्साहन भी दिया जाएगा। युवा रोजगार के अवसर के बारे में अधिक जानकारी के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।