मुंबई
महाराष्ट्र में शिवाजी पार्क में दशहरा रैली को लेकर रार जारी है। फिलहाल, रैली के आयोजन को लेकर बृह्नमुंबई महानगरपालिका की तरफ से अब तक फैसला नहीं सुनाया गया है। अब खबर है कि शिवसेना के दोनों गुटों का आवेदन खारिज किया जा सकता है। खास बात है कि बीएमसी पर दो दशक से ज्यादा समय से शिवसेना का कब्जा है, लेकिन कार्यकाल पूरा होने के चलते फिलहाल इसकी कमान राज्य प्रशासक के पास है।
भारतीय जनता पार्टी के नेता और महाराष्ट्र सरकार में मंत्री सुधीर मुनगंटीवार ने बुधवार को कहा कि दोनों पक्षों की याचिका खारिज हो सकती हैं। साथ ही उन्होंने बताया कि दोनों समूहों को किसी अन्य जगह पर रैली के लिए कहा जा सकता है। राज्य के मौजूदा मुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे की बगावत के बाद से शिवसेना में हालात बदल गए हैं। शिंदे कैंप असली शिवसेना होने का दावा कर रहा है।
पत्रकारों से बातचीत के दौरान मुनगंटीवार ने शिवसेना के चुनाव चिह्न 'धनुष बाण' का मुद्दा भी उठाया। उ्नहोंने कहा, 'एकनाथ शिंदे ने सुप्रीम कोर्ट में चुनाव चिह्न को फ्रीज करने की मांग की है। मेरा मानना है कि पार्टी चिह्न उसके सदस्यों का होता और किसी एक की संपत्ति नहीं। अगर एकनाथ शिंदे के पास असली शिवसेना के 40 विधायकों का समर्थन है, तो उनके पास चुनाव चिह्न पर दावा करने का अधिकार है।'















