पेट्रोल-डीजल के निर्यात पर भारत सरकार ने बड़ा फैसला लिया है। विदेश भेजे जाने वाले पेट्रोल-डीजल और एविएशन टर्बाइन फ्यूल पर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ाने का फैसला लिया गया है। हालांकि, राहत की बात यह है कि इस फैसले का असर फिलहाल घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा एक्साइज ड्यूटी पर नहीं पड़ेगा। इसके अलावा, सरकार ने पड़ोसी देशों को भी इस नई ड्यूटी से छूट दी है। इन 6 देशों के नाम हैं- नेपाल, भूटान, बांग्लादेश, श्रीलंका, मॉरीशस और मालदीव।
पेट्रोल-डीजल एक्सपोर्ट पर टैक्स में बदलाव
पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 4 रुपये प्रति लीटर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ा है।
डीजल के एक्सपोर्ट पर 8.5 रुपये प्रति लीटर और ATF के एक्सपोर्ट पर 7.5 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा है।
घरेलू बाजार पर असर
इस फैसले का असर फिलहाल घरेलू बाजार में बिकने वाले पेट्रोल और डीजल की मौजूदा एक्साइज ड्यूटी पर नहीं पड़ेगा।
सरकार ने देश में पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता बनाए रखने के लिए पेट्रोल के निर्यात पर लगने वाले शुल्क में बढ़ोतरी की है।
पेट्रोल डीजल एक्सपोर्ट टैक्स के मुख्य बिंदु
अब पेट्रोल पर लगने वाला विंडफॉल टैक्स (एक्सपोर्ट ड्यूटी) 1.5 रुपये प्रति लीटर से बढ़ाकर 4 रुपये प्रति लीटर कर दिया गया है।
- पेट्रोल के एक्सपोर्ट पर 4 रुपये प्रति लीटर स्पेशल एडिशनल एक्साइज ड्यूटी बढ़ा है।
- डीजल के एक्सपोर्ट पर 8.5 रुपये प्रति लीटर और ATF के एक्सपोर्ट पर 7.5 रुपये प्रति लीटर एक्साइज ड्यूटी बढ़ा है।
- सरकार ने पड़ोसी देशों को भी इस नई ड्यूटी से छूट दी है।
सरकार के फैसले का असर
इस फैसले से देश में पेट्रोल की पर्याप्त उपलब्धता बनी रहेगी।
सरकार के इस फैसले से पेट्रोल डीजल की कीमत पर भी असर पड़ सकता है। इसके अलावा, आप पेट्रोल डीजल की खबरें और तेल की कीमत के बारे में जानकारी प्राप्त कर सकते हैं।