पाकिस्तान-occupied कश्मीर (POK) में चुनावी प्रक्रिया के बीच सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इस विरोध के पीछे एक दशक पुरानी नीति को समाप्त करने की मांग है, जिसे पीओके के लोगों ने कभी भी स्वीकार नहीं किया है। इस नीति के तहत 12 सीटें रिफ्यूजी के लिए आरक्षित की गई हैं, जो वास्तव में पीओके में नहीं हैं।
POK में विरोध की मुख्य मांग
पीओके में विरोध प्रदर्शनों के पीछे एक दशक पुरानी नीति को समाप्त करने की मांग है। इस नीति के तहत 12 सीटें रिफ्यूजी के लिए आरक्षित की गई हैं, जो वास्तव में पीओके में नहीं हैं। पीओके के लोगों ने कभी भी इस नीति को स्वीकार नहीं किया है, लेकिन पाकिस्तानी सरकार ने इसे लागू किया है।
इस नीति के तहत रिफ्यूजी के लिए आरक्षित सीटों को समाप्त करने की मांग को लेकर पीओके में विरोध प्रदर्शन जारी हैं। पीओके के लोगों ने कहा है कि वे इस नीति को समाप्त करने के लिए लड़ेंगे और अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे।
POK में सुरक्षा बलों की कार्रवाई
पीओके में सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इस विरोध के पीछे एक दशक पुरानी नीति को समाप्त करने की मांग है, जिसे पीओके के लोगों ने कभी भी स्वीकार नहीं किया है।
पीओके में सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में 40 लोगों की मौत हो चुकी है। पीओके के लोगों ने कहा है कि वे इस नीति को समाप्त करने के लिए लड़ेंगे और अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे।
POK में नागरिकों की मौत
पीओके में सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शन जारी है। इस विरोध के पीछे एक दशक पुरानी नीति को समाप्त करने की मांग है, जिसे पीओके के लोगों ने कभी भी स्वीकार नहीं किया है।
पीओके में सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों पर की गई कार्रवाई के खिलाफ विरोध प्रदर्शनों में 40 लोगों की मौत हो चुकी है। पीओके के लोगों ने कहा है कि वे इस नीति को समाप्त करने के लिए लड़ेंगे और अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे।
- 40 लोगों की मौत
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- पीओके में सुरक्षा बलों द्वारा नागरिकों पर की गई कार्रवाई
POK में विरोध के भविष्य की दिशा
पीओके में विरोध प्रदर्शनों के भविष्य की दिशा को लेकर कई सवाल हैं। पीओके के लोगों ने कहा है कि वे इस नीति को समाप्त करने के लिए लड़ेंगे और अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे।
पीओके में विरोध प्रदर्शनों के भविष्य की दिशा को लेकर कई सवाल हैं। पीओके के लोगों ने कहा है कि वे इस नीति को समाप्त करने के लिए लड़ेंगे और अपने अधिकारों के लिए लड़ेंगे।