प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को रायसेन के सांची रेलवे स्टेशन का वर्चुअल लोकार्पण किया। स्टेशन बनाने में 15.32 करोड़ रुपए खर्च हुए हैं। कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि रहे। स्टेशन पर कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। स्टेशन का डिजाइन क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की झलक भी साफ नजर आती है। सांची अपने प्राचीन बौद्ध स्तूपों के लिए विश्व भर में जाना जाता है। स्टेशन का नया रूप इस पहचान को भी दर्शाता है।
सांची रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास
सांची रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास अमृत भारत स्टेशन योजना के तहत हुआ है। यह योजना देशभर के कई छोटे और मंझोले शहरों के स्टेशनों को आधुनिक बनाने के लिए शुरू की गई है। सांची स्टेशन का पुनर्विकास सिर्फ आज की जरूरतों के लिए नहीं किया गया है, बल्कि आने वाले 40 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है।
स्टेशन पर यात्रियों के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनमें उन्नत सर्कुलेटिंग एरिया शामिल है, जिससे वाहनों और यात्रियों की आवाजाही आसान होगी। स्टेशन पर एक विशाल प्रतीक्षालय भी बनाया गया है। यात्रियों को ट्रेन से जुड़ी जानकारी आसानी से मिले, इसके लिए आधुनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड और कोच गाइडेंस सिस्टम भी लगाए गए हैं।
स्टेशन का डिजाइन और आधुनिक सुविधाएं
स्टेशन के डिजाइन में क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की झलक भी साफ नजर आती है। सांची अपने प्राचीन बौद्ध स्तूपों के लिए विश्व भर में जाना जाता है। स्टेशन का नया रूप इस पहचान को भी दर्शाता है। स्टेशन पर दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं, ताकि उन्हें स्टेशन पर किसी तरह की परेशानी न हो।
स्टेशन पर एक चौड़ा फुट ओवरब्रिज भी बनाया गया है। स्टेशन का पुनर्विकास सिर्फ आधुनिक सुविधाएं जोड़ने के लिए नहीं किया गया है, बल्कि यह स्टेशन को एक आधुनिक और सुविधाजनक स्टेशन बनाने के लिए किया गया है।
सांची स्टेशन की महत्वपूर्ण विशेषताएं
सांची स्टेशन का पुनर्विकास सिर्फ आज की जरूरतों के लिए नहीं किया गया है, बल्कि आने वाले 40 से 50 वर्षों की जरूरतों को ध्यान में रखते हुए तैयार किया गया है। स्टेशन पर यात्रियों के लिए कई नई सुविधाएं जोड़ी गई हैं। इनमें उन्नत सर्कुलेटिंग एरिया शामिल है, जिससे वाहनों और यात्रियों की आवाजाही आसान होगी।
- स्टेशन पर एक विशाल प्रतीक्षालय बनाया गया है।
- आधुनिक ट्रेन इंडिकेटर बोर्ड और कोच गाइडेंस सिस्टम लगाए गए हैं।
- दिव्यांगजनों के लिए विशेष सुविधाएं विकसित की गई हैं।
कार्यक्रम की विशेषताएं
कार्यक्रम में राज्यपाल मंगूभाई पटेल मुख्य अतिथि रहे। स्टेशन पर कई आधुनिक सुविधाएं जोड़ी गई हैं। स्टेशन का डिजाइन क्षेत्र की सांस्कृतिक और ऐतिहासिक विरासत की झलक भी साफ नजर आती है। सांची अपने प्राचीन बौद्ध स्तूपों के लिए विश्व भर में जाना जाता है। स्टेशन का नया रूप इस पहचान को भी दर्शाता है।
कार्यक्रम की शुरुआत राष्ट्रगान से हुई। इस दौरान सांची विधायक डॉ. प्रभुराम चौधरी और भोजपुर बीजेपी विधायक सुरेंद्र पटवा भी वहां मौजूद रहे।