नई दिल्ली: देशभर में आज यानी 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जा रहा है। इस खास मौके पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू नई दिल्ली के विज्ञान भवन में आयोजित समारोह में 48 उत्कृष्ट स्कूली शिक्षकों को राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 से सम्मानित करेंगी।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार का उद्देश्य उन शिक्षकों को पहचान और सम्मान देना है, जिन्होंने शिक्षा के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान दिया है और अपने नवाचार, मेहनत तथा समर्पण से विद्यार्थियों के सीखने और विकास पर सकारात्मक प्रभाव डाला है।
27 राज्यों और 7 केंद्रशासित प्रदेशों से चुने गए शिक्षक
इस साल राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार के लिए चुने गए 48 शिक्षक देश के अलग-अलग हिस्सों का प्रतिनिधित्व करते हैं। इनका चयन 27 राज्यों, 7 केंद्रशासित प्रदेशों और केंद्र सरकार के 6 संगठनों से किया गया है। पुरस्कार पाने वालों में 26 पुरुष और 22 महिला शिक्षक शामिल हैं।
इन शिक्षकों का चयन जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में हुई प्रक्रिया के बाद किया गया है। चयन प्रक्रिया ऑनलाइन और पारदर्शी तरीके से संचालित की गई।
ऑनलाइन नामांकन से हुआ चयन
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए पात्र शिक्षकों से ऑनलाइन सेल्फ-नॉमिनेशन आमंत्रित किए गए थे। शिक्षा मंत्रालय के पोर्टल पर आवेदन की प्रक्रिया 15 जून से 20 जुलाई 2026 तक चली।
इसके बाद जिला, राज्य और राष्ट्रीय स्तर पर तीन चरणों में मूल्यांकन किया गया। इसी प्रक्रिया के आधार पर 48 शिक्षकों को अंतिम रूप से पुरस्कार के लिए चुना गया।
समारोह में दिखाए जाएंगे शिक्षकों के काम पर शॉर्ट डॉक्यूमेंट्री
विज्ञान भवन में होने वाले पुरस्कार समारोह के दौरान प्रत्येक पुरस्कार विजेता शिक्षक के काम और उपलब्धियों पर आधारित लघु डॉक्यूमेंट्री भी दिखाई जाएगी। इसका उद्देश्य शिक्षकों की उपलब्धियों और विद्यार्थियों के जीवन पर उनके प्रभाव को सामने लाना है।
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार ऐसे शिक्षकों के योगदान को सामने लाने का माध्यम है, जिन्होंने केवल पाठ्यक्रम पूरा करने तक अपनी भूमिका सीमित नहीं रखी, बल्कि विद्यार्थियों में प्रतिभा, रचनात्मकता और बेहतर सीखने की क्षमता विकसित करने के लिए नए तरीके अपनाए।
शिक्षक दिवस पर राष्ट्रपति का शिक्षकों के नाम संदेश
शिक्षक दिवस के अवसर पर राष्ट्रपति द्रौपदी मुर्मू ने देशभर के शिक्षकों को शुभकामनाएं दी हैं। उन्होंने शिक्षकों से लगातार अपने ज्ञान को अपडेट करने, तकनीक को अपनाने और नए शिक्षण तरीकों का इस्तेमाल करने का आह्वान किया है।
राष्ट्रपति ने शिक्षकों की भूमिका को विद्यार्थियों की प्रतिभा निखारने और उन्हें उत्कृष्टता की ओर ले जाने में महत्वपूर्ण बताया है।
आज ही क्यों मनाया जाता है शिक्षक दिवस?
भारत में हर साल 5 सितंबर को शिक्षक दिवस मनाया जाता है। यह दिन देश के पूर्व राष्ट्रपति, दार्शनिक और शिक्षाविद डॉ. सर्वपल्ली राधाकृष्णन की जयंती के अवसर पर मनाया जाता है।
शिक्षक दिवस के जरिए देश में शिक्षकों के योगदान को सम्मान दिया जाता है और शिक्षा के क्षेत्र में उनके महत्वपूर्ण योगदान को पहचान मिलती है।
21 उच्च शिक्षा के शिक्षकों को भी मिलेगा राष्ट्रीय पुरस्कार
शिक्षा के क्षेत्र में राष्ट्रीय स्तर पर सम्मान का दायरा केवल स्कूली शिक्षकों तक सीमित नहीं है। 5 सितंबर को उच्च शिक्षा संस्थानों और पॉलीटेक्निक से जुड़े 21 शिक्षकों एवं फैकल्टी सदस्यों को भी राष्ट्रीय पुरस्कार प्रदान किए जाने हैं। इनमें केंद्रीय उच्च शिक्षा संस्थानों के 12 शिक्षक, राज्य विश्वविद्यालयों एवं कॉलेजों के 5 शिक्षक और पॉलीटेक्निक के 4 फैकल्टी सदस्य शामिल हैं।