नई दिल्ली: राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए केंद्र सरकार ने 48 शिक्षकों के नामों की घोषणा कर दी है। स्कूल शिक्षा और साक्षरता के क्षेत्र में उल्लेखनीय योगदान देने वाले इन शिक्षकों को राष्ट्रीय स्तर पर सम्मानित किया जाएगा। शिक्षा मंत्रालय के स्कूल शिक्षा एवं साक्षरता विभाग की ओर से जारी सूची में देश के विभिन्न राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षकों के साथ कई केंद्रीय संस्थानों के शिक्षक भी शामिल हैं।
इस सूची में केंद्रीय विद्यालय संगठन (KVS), नवोदय विद्यालय समिति (NVS), सैनिक स्कूल, पीएम श्री स्कूल और आदर्श जनजातीय विद्यालयों के शिक्षक भी शामिल हैं। इसके अलावा जनजातीय कार्य मंत्रालय के अंतर्गत संचालित एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों के शिक्षकों को भी पुरस्कार के लिए चुना गया है।
देशभर से चुने गए शिक्षक
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार 2026 के लिए चयनित शिक्षकों में अलग-अलग राज्यों और क्षेत्रों का प्रतिनिधित्व देखने को मिलता है। अंडमान एवं निकोबार द्वीप समूह से जे. प्रकाश राव, आंध्र प्रदेश से राजेश कौलुरी, अरुणाचल प्रदेश से याकू तामे और असम से राजेश बोरदोलोई को सूची में शामिल किया गया है।
दिल्ली से सुमन गोयल और एकलव्य मॉडल आवासीय विद्यालयों से जफर आलम का चयन किया गया है। यह पुरस्कार देश के विभिन्न हिस्सों में शिक्षा के क्षेत्र में काम कर रहे शिक्षकों के योगदान को राष्ट्रीय स्तर पर पहचान देने की दिशा में महत्वपूर्ण माना जाता है।
मध्य प्रदेश समेत कई राज्यों के शिक्षक शामिल
अन्य चयनित शिक्षकों में गोवा के महादेव हनमंत शिंदे, गुजरात के नितिन कुमार महेंद्रकुमार पाठक, हरियाणा के अनिल कौशिक, हिमाचल प्रदेश की मंजरी वी. महाजन, जम्मू-कश्मीर के मोहम्मद अयाज रैना और मध्य प्रदेश की अर्चना शुक्ला शामिल हैं।
इसके अलावा महाराष्ट्र, मणिपुर, मिजोरम, नगालैंड, ओडिशा, पंजाब, राजस्थान, सिक्किम और लद्दाख समेत कई अन्य राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों के शिक्षकों को भी पुरस्कार के लिए चुना गया है।
विभिन्न संस्थानों के शिक्षकों को भी सम्मान
राष्ट्रीय शिक्षक पुरस्कार की सूची में सिर्फ सामान्य सरकारी स्कूलों के शिक्षक ही नहीं, बल्कि विभिन्न विशेष शैक्षणिक संस्थानों से जुड़े शिक्षकों को भी जगह दी गई है। केंद्रीय विद्यालयों, नवोदय विद्यालयों, सैनिक स्कूलों, पीएम श्री स्कूलों और आदर्श जनजातीय विद्यालयों के शिक्षक भी चयनित 48 शिक्षकों में शामिल हैं।
सरकार की ओर से जारी यह सूची शिक्षा के क्षेत्र में शिक्षकों के योगदान को पहचान देने और बेहतर शिक्षण कार्य को प्रोत्साहित करने के उद्देश्य को रेखांकित करती है।