लखनऊ: पटना से लखनऊ आ रही IndiGo की फ्लाइट बुधवार को खराब मौसम के बीच अचानक आकाशीय बिजली की चपेट में आ गई। घटना उस वक्त हुई जब विमान करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर लखनऊ की ओर बढ़ रहा था। बिजली गिरने से विमान के अगले हिस्से यानी नोज को नुकसान पहुंचा। हालांकि पायलट की सूझबूझ और सतर्कता के चलते विमान को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाईअड्डे पर सुरक्षित उतार लिया गया। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार यात्रियों और क्रू मेंबर्स को किसी तरह की चोट नहीं आई।
पटना से लखनऊ आ रही थी फ्लाइट
जानकारी के मुताबिक, IndiGo की नियमित उड़ान संख्या 6E-925 ने बुधवार को पटना एयरपोर्ट से उड़ान भरी थी। विमान को लखनऊ पहुंचना था। लखनऊ एयरस्पेस के आसपास पहुंचने के दौरान मौसम खराब था और इसी बीच करीब 17 हजार फीट की ऊंचाई पर विमान आकाशीय बिजली की चपेट में आ गया।
लाइटनिंग स्ट्राइक के बाद विमान के सामने वाले हिस्से को नुकसान पहुंचा। घटना के बाद विमान में कुछ समय के लिए दहशत का माहौल बना, लेकिन पायलट ने स्थिति को संभालते हुए विमान को सुरक्षित तरीके से लखनऊ एयरपोर्ट पर उतार दिया।
सभी यात्री सुरक्षित, कोई हताहत नहीं
विमान में सवार सभी यात्री और क्रू सदस्य सुरक्षित हैं। उपलब्ध रिपोर्टों में यात्रियों की संख्या को लेकर अलग-अलग आंकड़े सामने आए हैं, हालांकि सभी रिपोर्ट इस बात पर सहमत हैं कि कोई जनहानि या चोट नहीं हुई। एक रिपोर्ट के मुताबिक विमान में 104 यात्री और छह क्रू सदस्य सवार थे।
विमान ने लखनऊ एयरपोर्ट पर सुरक्षित लैंडिंग की। इसके बाद विमान को आगे की उड़ान के लिए रोक दिया गया, ताकि तकनीकी टीम नुकसान का विस्तृत निरीक्षण कर सके।
अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था
आकाशीय बिजली की चपेट में आने के बाद क्षतिग्रस्त विमान को लखनऊ एयरपोर्ट पर ही ग्राउंड कर दिया गया। इसी विमान को आगे अहमदाबाद के लिए उड़ान भरनी थी। तकनीकी स्थिति को देखते हुए एयरलाइन ने यात्रियों की आगे की यात्रा के लिए दूसरे विमान की व्यवस्था की।
रिपोर्ट के मुताबिक अहमदाबाद जाने वाले यात्रियों को दूसरे विमान से रवाना किया गया, जिससे उनकी यात्रा आगे जारी रह सकी।
तकनीकी जांच के बाद ही विमान दोबारा भरेगा उड़ान
घटना के बाद विमान की तकनीकी जांच शुरू कर दी गई है। एयरलाइन के इंजीनियर विमान के अगले हिस्से समेत अन्य महत्वपूर्ण हिस्सों का निरीक्षण कर रहे हैं। विमान को दोबारा सेवा में लेने से पहले उसकी तकनीकी स्थिति की पूरी जांच की जाएगी।
मामले की जानकारी विमानन नियामक DGCA को भी दी गई है। तकनीकी जांच और जरूरी मंजूरी के बाद ही विमान के दोबारा उड़ान भरने की उम्मीद है।
खराब मौसम के बीच टली बड़ी घटना
आकाशीय बिजली के विमान से टकराने के बावजूद पायलट ने विमान को सुरक्षित लैंड कराया। विमान के अगले हिस्से को नुकसान जरूर पहुंचा, लेकिन यात्रियों की सुरक्षा पर कोई बड़ा असर नहीं पड़ा। यह घटना एक बार फिर बताती है कि खराब मौसम के दौरान उड़ान संचालन में पायलट की सतर्कता और विमान की सुरक्षा प्रक्रियाएं कितनी महत्वपूर्ण होती हैं।