गुजरात में सेकेंडरी स्कूलों में ड्रॉपआउट की दर बढ़ने से शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में राज्य को ‘रेड ज़ोन’ में रखा गया है। यह रिपोर्ट यूडीआईएसई+ 2025-26 के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि गुजरात में सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन राष्ट्रीय औसत से कम है। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी दिखाया गया है कि गुजरात में लड़कियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन दर राष्ट्रीय औसत से कम है। गुजरात सरकार ने शाला प्रवेशोत्सव जैसे कार्यक्रमों को लागू किया है, लेकिन फिर भी नामांकन दर में सुधार नहीं हुआ है।
गुजरात में सेकेंडरी स्कूलों में ड्रॉपआउट की दर बढ़ी
गुजरात में सेकेंडरी स्कूलों में ड्रॉपआउट की दर बढ़ने से शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में राज्य को ‘रेड ज़ोन’ में रखा गया है। यह रिपोर्ट यूडीआईएसई+ 2025-26 के आंकड़ों पर आधारित है, जिसमें दिखाया गया है कि गुजरात में सेकेंडरी और हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन राष्ट्रीय औसत से कम है।
गुजरात सरकार ने शाला प्रवेशोत्सव जैसे कार्यक्रमों को लागू किया है, लेकिन फिर भी नामांकन दर में सुधार नहीं हुआ है। इसके अलावा, रिपोर्ट में यह भी दिखाया गया है कि गुजरात में लड़कियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन दर राष्ट्रीय औसत से कम है।
यूडीआईएसई+ के आंकड़े
यूडीआईएसई+ 2025-26 के आंकड़ों के अनुसार, गुजरात में सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन दर 49.5 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है। इसके अलावा, हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन दर 29.1 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है।
आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि गुजरात में लड़कियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन दर 29.6 प्रतिशत है, जो राष्ट्रीय औसत से कम है। इसके अलावा, आंकड़ों से यह भी पता चलता है कि गुजरात में सेकेंडरी स्कूलों में ड्रॉपआउट की दर बढ़ी है।
गुजरात में शिक्षा की स्थिति
गुजरात में शिक्षा की स्थिति चिंताजनक है। राज्य में सेकेंडरी स्कूलों में ड्रॉपआउट की दर बढ़ने से शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में राज्य को ‘रेड ज़ोन’ में रखा गया है। इसके अलावा, राज्य में लड़कियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन दर राष्ट्रीय औसत से कम है।
गुजरात सरकार को शिक्षा की स्थिति में सुधार करने के लिए कदम उठाने होंगे। इसके लिए सरकार को शाला प्रवेशोत्सव जैसे कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने होंगे। इसके अलावा, सरकार को लड़कियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन दर बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाने होंगे।
गुजरात में सेकेंडरी स्कूलों में ड्रॉपआउट की दर बढ़ने से शिक्षा मंत्रालय की रिपोर्ट में राज्य को ‘रेड ज़ोन’ में रखा गया है। इसके अलावा, राज्य में लड़कियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन दर राष्ट्रीय औसत से कम है।
गुजरात सरकार को शिक्षा की स्थिति में सुधार करने के लिए कदम उठाने होंगे। इसके लिए सरकार को शाला प्रवेशोत्सव जैसे कार्यक्रमों को और अधिक प्रभावी बनाने होंगे। इसके अलावा, सरकार को लड़कियों के लिए हायर सेकेंडरी स्कूलों में नामांकन दर बढ़ाने के लिए विशेष कदम उठाने होंगे। शिक्षा संबंधी खबरें के लिए हमारी वेबसाइट पर जाएं।