छत्तीसगढ़ के रायपुर स्थित जिला उपभोक्ता विवाद प्रतितोष आयोग ने एक निजी विमान कंपनी को यात्री को सही टर्मिनल की जानकारी नहीं देने के मामले में सेवा में कमी का दोषी ठहराया है। आयोग ने एयरलाइन को पीड़ित यात्री को कुल 60,000 रुपये का मुआवजा देने का आदेश दिया। आयोग का मानना है कि टिकट और उड़ान संबंधी संदेशों में सही टर्मिनल का उल्लेख न करना यात्रियों के प्रति लापरवाही और अनुचित व्यापारिक व्यवहार की श्रेणी में आता है।
टर्मिनल की गलतफहमी से छूट गई उड़ान
मामले के अनुसार, यात्री ने अपने परिवार के साथ दिल्ली से रायपुर जाने के लिए निजी एयरलाइन की टिकट बुक कराई थी। यात्रा से पहले एयरलाइन ने एसएमएस के जरिए केवल उड़ान के समय में बदलाव की सूचना दी, लेकिन यह नहीं बताया कि उड़ान किस टर्मिनल से संचालित होगी।
यात्री ने यह मान लिया कि उड़ान उसी टर्मिनल से रवाना होगी, जहां उनकी पिछली उड़ान पहुंची थी। इसी भ्रम में वह निर्धारित समय पर गलत टर्मिनल पहुंच गए। बाद में जब सही टर्मिनल की जानकारी मिली, तब तक वहां पहुंचना संभव नहीं था और उनकी उड़ान छूट गई।
परिवार के साथ हवाई अड्डे पर बितानी पड़ी रात
उड़ान छूटने के बाद यात्री और उनके परिवार को पूरी रात हवाई अड्डे पर ही रुकना पड़ा। अगले दिन उन्हें अपने खर्च पर नई टिकटें खरीदकर यात्रा पूरी करनी पड़ी। इसके बाद उन्होंने उपभोक्ता आयोग में शिकायत दर्ज कराते हुए एयरलाइन पर लापरवाही का आरोप लगाया।
आयोग ने माना सेवा में कमी
सुनवाई के दौरान जिला उपभोक्ता आयोग ने पाया कि एयरलाइन ने यात्रियों को यात्रा से जुड़ी आवश्यक जानकारी उपलब्ध नहीं कराई। आयोग ने कहा कि यदि टिकट या एसएमएस में स्पष्ट रूप से प्रस्थान टर्मिनल का उल्लेख किया गया होता, तो यात्री की उड़ान नहीं छूटती।
आयोग ने अपने आदेश में कहा कि एयरलाइन की यह चूक सेवा में कमी और अनुचित व्यापारिक प्रथा का स्पष्ट उदाहरण है। यात्रियों को समय पर और सही जानकारी उपलब्ध कराना एयरलाइन की जिम्मेदारी है।
60 हजार रुपये का मुआवजा देने का निर्देश
आयोग ने एयरलाइन को निर्देश दिया कि वह यात्री को कुल 60,000 रुपये का भुगतान करे। इस राशि में आर्थिक नुकसान, मानसिक पीड़ा और मुकदमे के खर्च का मुआवजा शामिल है। आयोग ने कहा कि उपभोक्ताओं के अधिकारों की रक्षा करना सेवा प्रदाताओं की कानूनी जिम्मेदारी है और ऐसी लापरवाही को नजरअंदाज नहीं किया जा सकता।
यात्रियों के लिए महत्वपूर्ण सीख
विशेषज्ञों का कहना है कि यात्रा से पहले यात्रियों को एयरलाइन की वेबसाइट या मोबाइल ऐप पर उड़ान और टर्मिनल संबंधी जानकारी की पुष्टि कर लेनी चाहिए। वहीं एयरलाइनों को भी टिकट, ईमेल और एसएमएस अलर्ट में सभी आवश्यक विवरण स्पष्ट रूप से उपलब्ध कराने चाहिए, ताकि यात्रियों को अनावश्यक परेशानी का सामना न करना पड़े।