कॉकरोच जनता पार्टी में बड़ी टूट, मनीष ब्रह्मभट्ट ने बनाई CJP-D; अभिजीत दीपके पर लगाए गंभीर आरोप

छात्रों और युवाओं के मुद्दों से चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी में बड़ी फूट सामने आई है। संगठन से जुड़े रहे मनीष ब्रह्मभट्ट ने अलग होकर CJP-डेमोक्रेटिक बनाने का ऐलान किया और अभिजीत दीपके के नेतृत्व पर कई आरोप लगाए। दीपके ने इन आरोपों को खारिज करते हुए CJP को छात्रों का स्वतंत्र मंच बताया है।

नई दिल्ली: छात्रों, युवाओं और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को लेकर चर्चा में आई कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) अब अंदरूनी मतभेदों के कारण दो गुटों में बंटती नजर आ रही है। संगठन से जुड़े रहे एक्टिविस्ट मनीष ब्रह्मभट्ट ने CJP से अलग होकर कॉकरोच जनता पार्टी-डेमोक्रेटिक (CJP-D) बनाने का ऐलान किया है। ब्रह्मभट्ट ने CJP के मौजूदा नेतृत्व और उसके संस्थापक अभिजीत दीपके पर आंदोलन की मूल भावना से भटकने और पुराने कार्यकर्ताओं को नजरअंदाज करने के आरोप लगाए हैं।

मनीष ब्रह्मभट्ट ने क्यों बनाई नई पार्टी?

मनीष ब्रह्मभट्ट का कहना है कि CJP की शुरुआत छात्रों और युवाओं से जुड़े आंदोलनों से हुई थी, लेकिन समय के साथ संगठन अपने मूल उद्देश्यों से दूर होता चला गया। उन्होंने आरोप लगाया कि आंदोलन में सक्रिय रहे कई कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को निर्णय प्रक्रिया से बाहर कर दिया गया।

ब्रह्मभट्ट ने CJP के मौजूदा नेतृत्व पर आम आदमी पार्टी (AAP) और उसके नेता अरविंद केजरीवाल के करीब जाने का भी आरोप लगाया है। उनके मुताबिक संगठन अब उस व्यापक छात्र आंदोलन का प्रतिनिधित्व नहीं कर रहा, जिसके आधार पर उसे समर्थन मिला था।

CJP-D को बताया ज्यादा लोकतांत्रिक विकल्प

नई CJP-D की घोषणा करते हुए ब्रह्मभट्ट ने इसे पारदर्शिता, जवाबदेही और लोकतांत्रिक निर्णय प्रक्रिया पर आधारित मंच बताया। उनका दावा है कि इस गुट का उद्देश्य आंदोलन से जुड़े पुराने कार्यकर्ताओं और स्वयंसेवकों को फिर से एकजुट करना है।

नई टीम ने अपने संगठन से लोगों को जोड़ने के लिए सोशल मीडिया और अन्य माध्यमों से अभियान शुरू करने की बात भी कही है।

अभिजीत दीपके पर क्या आरोप लगे?

ब्रह्मभट्ट ने आरोप लगाया कि CJP के भीतर फैसले सीमित लोगों के हाथ में केंद्रित हो गए हैं और आंदोलन में योगदान देने वाले कई कार्यकर्ताओं को पर्याप्त प्रतिनिधित्व नहीं मिल रहा। उन्होंने यह भी दावा किया कि संगठन पर राजनीतिक प्रभाव बढ़ रहा है।

हालांकि, ये आरोप फिलहाल ब्रह्मभट्ट के दावे हैं। इन आरोपों को अभिजीत दीपके ने खारिज किया है। दीपके का कहना है कि CJP किसी राजनीतिक दल की ‘बी टीम’ नहीं है और संगठन की प्राथमिकता छात्रों के मुद्दे हैं। उन्होंने खुद को छात्रों का प्रतिनिधित्व करने वाला स्वतंत्र मंच बताया है।

‘हम छात्रों की A टीम हैं’—दीपके

CJP पर AAP की ‘बी टीम’ होने के आरोपों के जवाब में अभिजीत दीपके ने कहा कि अलग-अलग लोग संगठन को कभी कांग्रेस तो कभी आम आदमी पार्टी से जोड़कर देखते हैं। उनका तर्क है कि CJP किसी दल के लिए काम नहीं करती, बल्कि छात्रों और शिक्षा से जुड़े मुद्दों को उठाती है।

छात्रों के मुद्दों से चर्चा में आई थी CJP

कॉकरोच जनता पार्टी हाल के महीनों में छात्र आंदोलनों, परीक्षा पेपर लीक और शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों को लेकर सुर्खियों में रही है। संगठन ने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों और शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं को लेकर भी आवाज उठाई है।

हाल में CJP ने 5 सितंबर को दिल्ली में प्रस्तावित मार्च वापस लेने का ऐलान किया था। यह फैसला केंद्र सरकार और कुछ राज्यों की ओर से छात्रों के खिलाफ दर्ज मामलों को लेकर सुप्रीम कोर्ट में दिए गए आश्वासनों के बाद लिया गया था।

अब CJP के सामने नई चुनौती

CJP-D के गठन के बाद सबसे बड़ा सवाल यही है कि संगठन से जुड़े कितने कार्यकर्ता और समर्थक मनीष ब्रह्मभट्ट के साथ जाते हैं। दूसरी ओर, अभिजीत दीपके के नेतृत्व वाली CJP अपने छात्र और शिक्षा केंद्रित एजेंडे को कितना प्रभावी तरीके से आगे बढ़ा पाती है, यह भी देखने वाली बात होगी।

फिलहाल दोनों पक्षों के बीच आरोप-प्रत्यारोप का दौर शुरू हो चुका है। ऐसे में CJP का यह विभाजन आने वाले दिनों में छात्र आंदोलनों और संगठन की राजनीतिक दिशा पर कितना असर डालता है, इस पर नजर रहेगी।