कोलकाता
पश्चिम बंगाल में पार्थ चटर्जी के बाद ममता सरकार के एक और मंत्री केंद्रीय जांच एजेंसी के रडार पर आ गए हैं. सीबीआई ने बुधवार को आसनसोल में कोयला घोटाले से जुडे़ मामले में कानून और श्रम मंत्री मलय घटक के ठिकानों पर छापेमारी की है. बताया जा रहा है कि सीबीआई ने इस मामले में कई बार मलय घटक को समन जारी किया था. लेकिन वे जांच एजेंसी के सामने पेश नहीं हुए. ऐसे में अब सीबीआई ने उनके आवास पर छापेमारी की है.
सीबीआई की ये कार्रवाई ऐसे वक्त पर हुई, जब कुछ समय पहले ही शिक्षक घोटाले के मामले में प्रवर्तन निदेशालय ने ममता सरकार में कैबिनेट मंत्री पार्थ चटर्जी को गिरफ्तार किया था. पार्थ चटर्जी की करीबी अर्पिता मुखर्जी के पास से करीब 50 करोड़ रुपए कैश बरामद हुआ था. विवाद बढ़ने के बाद ममता बनर्जी ने पार्थ चटर्जी को मंत्रिपद से हटा दिया था.
1300 करोड़ की लेन-देन की आशंका
आरोप है कि आसनसोल के निकट कुनुस्तोरिया और कजोरा इलाके में ईस्टर्न कोल फील्ड्स की लीज पर दी गई खदानों में कोयले का अवैध खनन किया गया. सीबीआई के अनुसार, जांच में 1,300 करोड़ रुपये के वित्तीय लेन-देन का संकेत मिला है. इनमें से अधिकांश पैसा कई प्रभावशाली लोगों के पास गया. इसके अलावा जांच में खुलासा हुआ है कि हवाला के जरिए इन प्रभावशाली लोगों के विदेशी बैंक खातों में पैसा जमा कराया गया था.