सावधान खतरा अभी टला नहीं है! घाटी में अभी 300 से ज्यादा आंतकवादी सक्रिय,160 घुसपैठ की फिराक में

श्रीनगर

जम्मू-कश्मीर में सुरक्षा बलों ने बीते कुछ सालों में आतंकवादी हमलों पर लगाम कसी है। बड़ी संख्या में दहशतगर्दों को मार गिराया है, लेकिन इसके बाद भी घाटी में 300 से ज्यादा आंतकवादी सक्रिय हैं। सेना के एक टॉप कमांडर ने  यह जानकारी दी। उन्होंने कहा कि 300 आतंकी घाटी में सक्रिय हैं। इसके अलावा सीमा पार से भी 160 आतंकवादी घुसपैठ करने की फिराक में हैं। इन लोगों ने एलओसी के पास ट्रेनिंग ली है और कभी भी घुसपैठ की कोशिश कर सकते हैं। नॉर्दर्न कमांड के जनरल ऑफिसर कमांडिंग इन चीफ उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि 370 हटने के बाद से कश्मीर में हालात काफी सुधरे हैं। स्थिति नियंत्रण में है और आतंकवाद पर काबू पाया गया है।

हालांकि उन्होंने बड़ी संख्या में अब भी आतंकियों के ऐक्टिव होने की बात स्वीकार की। सैन्य कमांडर ने कहा, 'करीब 300 आतंकवादी फिलहाल घाटी में सक्रिय हैं। हम यह सुनिश्चित करने का प्रयास कर रहे हैं कि ये किसी वारदात को अंजाम न दे सकें।' पुंछ लिंक अप डे के मौके पर आयोजित कार्यक्रम से इतर उन्होंने कहा कि फिलहाल हालात नियंक्षण में हैं और लगातार सुधार हो रहा है। दरअसल पुंछ में 1948 में पाकिस्तानी सेना ने घुसपैठ की थी। तब भारतीय सेना की ओर से ऑपरेशन ईजी चलाकर सीमा की सुरक्षा की गई थी। उसी की याद में हर साल कार्यक्रम का आयोजन किया जाता है।

See also  BCCI का फैसला अब हर फॉर्मेट में अलग टीम, अलग लीडर और रणनीति भी अलग ही होगी.

बोले- सरकार के आदेश पर पीओके लेने के लिए तैैयार

सीमा के उस पार एलओसी में कितने आतंकी मौजूद हैं? इस सवाल पर उपेंद्र द्विवेदी ने कहा कि एलओसी के पार करीब 160 आतंकवादी हैं, जो घुसपैठ की फिराक में हैं। उन्होंने कहा कि इनमें से 130 आतंकवादी पीर पंजाल रेंड में हैं। वहीं 30 आतंकवादी पीर पंजाल रेंज के दक्षिण से घुसपैठ की कोशिश में हैं। उन्होंने कहा कि हमारी जानकारी के मुताबिक 82 पाकिस्तानी आतंकवादी और 53 स्थानीय दहशतगर्द ऐक्टिव हैं। इसके अलावा 170 आतंकवादी ऐसे हैं, जिनकी पहचान नहीं हो सकी है। डिफेंस मिनिस्टर राजनाथ सिंह की ओर से पीओके वापस लेने की बात पर उन्होंने कहा कि इस संबंध में पहले ही संसद से संकल्प पारित है। यह कोई नई बात नहीं है। उन्होंने कहा कि जहां तक भारतीय सेना की बात है तो हमें सरकार से जब भी कोई आदेश मिलेगा, हम पीछे नहीं हटेंगे।

पीओके पर राजनाथ सिंह ने दी थी क्या चेतावनी

बता दें कि 27 अक्टूबर को श्रीनगर में एक कार्यक्रम को संबोधित करते हुए राजनाथ सिंह ने पीओके वापस लेने का संकल्प दोहराया था। रक्षा मंत्री ने कहा था कि पाकिस्तान पीओके में मानवाधिकारों का उल्लंघन कर रहा है। उसे इसकी कीमत चुकानी होगी। उन्होंने कहा था कि सरकार संसद के उस संकल्प को पूरा करने के लिए प्रतिबद्ध है, जो 1994 में पारित किया गया था।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *