नवंबर महीने की शुरुआत के साथ ही देश में कई वित्तीय और गैर-वित्तीय नियमों में बदलाव हो गए हैं। 1 नवंबर 2026 से GST रजिस्ट्रेशन, पेंशनभोगियों के जीवन प्रमाण पत्र, पंजाब नेशनल बैंक (PNB) के क्रेडिट कार्ड शुल्क और म्यूचुअल फंड निवेश से जुड़े नए नियम लागू हो रहे हैं। इसके अलावा मोबाइल पर अनजान कॉल करने वाले का नाम दिखाने वाली CNAP सुविधा भी शुरू हो रही है।
इन बदलावों का असर कारोबारियों, पेंशनभोगियों, बैंक ग्राहकों और निवेशकों पर पड़ेगा। वहीं, कैंसर की 137 दवाओं की कीमतों में राहत मिलने की उम्मीद है, जिसके लिए नई कीमतें 9 नवंबर से लागू होनी हैं।
1. GST के नियम बदले, कारोबारियों को मिलेगी राहत
1 नवंबर से GST के कुछ महत्वपूर्ण प्रावधान लागू हो गए हैं। इनका उद्देश्य कारोबारियों के लिए टैक्स अनुपालन आसान करना और रिफंड की प्रक्रिया को तेज करना है।
पोस्ट-सेल डिस्काउंट पर नया नियम: अब कारोबारियों को बिक्री के बाद दिए जाने वाले पात्र डिस्काउंट को GST की गणना में समायोजित करने की सुविधा मिलेगी। इसके लिए निर्धारित शर्तों के तहत GST क्रेडिट नोट जारी करना और खरीदार की ओर से संबंधित इनपुट टैक्स क्रेडिट (ITC) वापस करना जरूरी होगा।
रिफंड में तेजी: इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर के तहत पात्र कारोबारियों को भी 90 प्रतिशत तक प्रोविजनल रिफंड मिलने का प्रावधान किया गया है। इनवर्टेड ड्यूटी स्ट्रक्चर तब बनता है, जब कच्चे माल या इनपुट पर GST की दर तैयार उत्पाद की तुलना में अधिक होती है और ITC जमा होता जाता है।
छोटे निर्यातकों को राहत: टैक्स भुगतान के साथ भारत से बाहर माल निर्यात करने वाले पात्र कारोबारियों के लिए 1,000 रुपये की न्यूनतम रिफंड सीमा हटा दी गई है। इससे कम मूल्य के निर्यात पर भी पात्रता के अनुसार रिफंड मिल सकेगा।
इन बदलावों से कारोबारियों की पूंजी लंबे समय तक टैक्स रिफंड में फंसने की समस्या कम हो सकती है। ध्यान रहे कि ये बदलाव मुख्य रूप से GST प्रक्रिया और कारोबारियों के रिफंड से जुड़े हैं, न कि आम ग्राहकों के लिए सभी वस्तुओं की GST दरों में नई कटौती।
2. को-वर्किंग स्पेस के पते पर भी मिलेगा GST रजिस्ट्रेशन
अब को-वर्किंग स्पेस यानी साझा कार्यालय में काम करने वाले कारोबारी भी उस पते पर GST रजिस्ट्रेशन करा सकेंगे। इसके लिए उन्हें संबंधित जगह पर काम करने का अधिकार साबित करने वाले दस्तावेज देने होंगे।
आवेदन के साथ को-वर्किंग स्पेस का मेंबरशिप एग्रीमेंट या संबंधित दस्तावेज और पते की जानकारी देनी होगी। जरूरत पड़ने पर बिजली बिल या प्रॉपर्टी टैक्स जैसे दस्तावेज भी मांगे जा सकते हैं।
इस बदलाव से उन छोटे कारोबारियों, स्टार्टअप और फ्रीलांसरों को सुविधा मिल सकती है, जिनके पास अपना अलग कार्यालय नहीं है।
3. पेंशनभोगियों को 30 नवंबर तक जमा करना होगा जीवन प्रमाण पत्र
सरकारी पेंशन पाने वाले 80 साल से कम उम्र के पेंशनभोगियों के लिए 1 नवंबर से वार्षिक जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की अवधि शुरू हो गई है। उन्हें 30 नवंबर 2026 तक अपना लाइफ सर्टिफिकेट जमा करना होगा।
80 साल या उससे अधिक उम्र के पेंशनभोगियों के लिए यह प्रक्रिया 1 अक्टूबर से ही शुरू हो चुकी है।
पेंशनभोगी दो तरीकों से जीवन प्रमाण पत्र जमा कर सकते हैं:
- बैंक शाखा में जाकर: पेंशन देने वाली बैंक शाखा में जीवन प्रमाण पत्र जमा किया जा सकता है।
- डिजिटल माध्यम से: Jeevan Pramaan सुविधा के जरिए आधार आधारित सत्यापन और फेस ऑथेंटिकेशन से डिजिटल लाइफ सर्टिफिकेट बनाया जा सकता है।
समय पर प्रमाण पत्र जमा नहीं करने पर पेंशन भुगतान में रुकावट आ सकती है। इसलिए पेंशनभोगियों को अंतिम तारीख का इंतजार नहीं करना चाहिए।
4. PNB क्रेडिट कार्ड से बिल भुगतान और अन्य सेवाएं होंगी महंगी
पंजाब नेशनल बैंक (PNB) ने अपने Visa और RuPay क्रेडिट कार्ड पर कई शुल्कों में बदलाव किया है। नए शुल्क 1 नवंबर से लागू हो गए हैं।
सबसे महत्वपूर्ण बदलाव यूटिलिटी बिल भुगतान को लेकर है। यदि क्रेडिट कार्ड से एक बिलिंग साइकिल में 50,000 रुपये से अधिक का यूटिलिटी भुगतान किया जाता है, तो 1 प्रतिशत शुल्क लगेगा। इस पर लागू टैक्स अलग से देना होगा और प्रति लेनदेन शुल्क की अधिकतम सीमा 2,000 रुपये होगी।
अन्य प्रमुख बदलाव इस प्रकार हैं:
| सेवा | नया शुल्क |
|---|---|
| घरेलू ATM से कैश निकालना | 2.5% या न्यूनतम ₹400 |
| दूसरे बैंक के घरेलू और विदेशी ATM से कैश निकालना | 2.5% या न्यूनतम ₹500 |
| रिवॉर्ड पॉइंट रिडेम्पशन | ₹99 प्रति अनुरोध |
| तीन महीने से पुराने डुप्लीकेट फिजिकल स्टेटमेंट | ₹50 प्रति माह |
| चेक रिटर्न या ऑटो-डेबिट फेल | भुगतान राशि का 2%, न्यूनतम ₹400 |
| ₹50,000 से अधिक यूटिलिटी भुगतान | 1%, अधिकतम ₹2,000 प्रति लेनदेन |
लेट पेमेंट शुल्क भी बकाया राशि के हिसाब से बदलेगा। यह निर्धारित सीमा के अनुसार शून्य से लेकर 1,200 रुपये तक हो सकता है।
यह बदलाव उन ग्राहकों के लिए महत्वपूर्ण है, जो बिजली, पानी, टेलीफोन और इंटरनेट जैसे बड़े बिल PNB क्रेडिट कार्ड से चुकाते हैं। कार्डधारकों को भुगतान से पहले अपने कार्ड की लागू शुल्क सूची जरूर देखनी चाहिए।
5. म्यूचुअल फंड में डायरेक्ट प्लान बनेगा डिफॉल्ट विकल्प
1 नवंबर से एसेट मैनेजमेंट कंपनियों (AMC) के डिजिटल प्लेटफॉर्म पर म्यूचुअल फंड का Direct Plan डिफॉल्ट विकल्प होगा।
डायरेक्ट प्लान में निवेशक सीधे फंड हाउस से निवेश करते हैं और इसमें डिस्ट्रीब्यूटर का कमीशन शामिल नहीं होता। इस वजह से इसका एक्सपेंस रेश्यो आमतौर पर रेगुलर प्लान से कम होता है।
दूसरी ओर, Regular Plan में निवेशक डिस्ट्रीब्यूटर या एजेंट के माध्यम से निवेश करते हैं। इसमें कमीशन से जुड़ा खर्च शामिल हो सकता है।
अब यदि कोई निवेशक रेगुलर प्लान चुनता है, तो उसे पहले इसके अपेक्षाकृत अधिक खर्च अनुपात की जानकारी दी जाएगी।
हालांकि, कम एक्सपेंस रेश्यो का मतलब यह नहीं है कि डायरेक्ट प्लान हर निवेशक के लिए अपने आप बेहतर विकल्प है। निवेश से पहले अपने वित्तीय लक्ष्य, जोखिम और सलाह की जरूरत को समझना जरूरी है।
6. नवंबर में Sovereign Gold Bond से समय से पहले पैसा निकालने का मौका
Sovereign Gold Bond (SGB) में निवेश करने वाले लोगों को नवंबर में कुछ पुरानी सीरीज से समय से पहले पैसा निकालने का अवसर मिलेगा।
उपलब्ध जानकारी के मुताबिक, इन सीरीज की प्रीमैच्योर रिडेम्पशन तारीखें इस प्रकार हैं:
| SGB सीरीज | प्रीमैच्योर रिडेम्पशन तारीख |
|---|---|
| 2020-21 Series VII | 2 नवंबर 2026 |
| 2020-21 Series VIII | 18 नवंबर 2026 |
| 2020-21 Series II | 19 नवंबर 2026 |
| 2021-22 Series I | 25 नवंबर 2026 |
SGB में समय से पहले निकासी का विकल्प निर्धारित शर्तों और तारीखों के अनुसार मिलता है। निवेशकों को अपनी सीरीज, पात्रता और लागू प्रक्रिया की पुष्टि RBI या संबंधित बैंक से करनी चाहिए।
7. 137 कैंसर की दवाओं की कीमतों में मिलेगी राहत
कैंसर मरीजों के लिए नवंबर में एक अहम राहत मिलने की उम्मीद है। राष्ट्रीय औषधि मूल्य निर्धारण प्राधिकरण (NPPA) ने 137 गैर-अनुसूचित कैंसररोधी दवाओं पर ट्रेड मार्जिन अधिकतम 30 प्रतिशत तय किया है।
इस फैसले के तहत दवाओं की कीमतों में कमी आ सकती है। रिपोर्ट के अनुसार, कुछ दवाओं की खुदरा कीमतों में मौजूदा मूल्य संरचना के आधार पर 70 प्रतिशत तक कमी की संभावना जताई गई है।
नई कीमतें 9 नवंबर 2026 से लागू होनी हैं। मरीज दवाओं की संशोधित कीमतों की जानकारी NPPA की वेबसाइट और ‘फार्मा सही दाम’ मोबाइल ऐप पर देख सकते हैं।
यह ध्यान रखना जरूरी है कि 70 प्रतिशत तक की कमी सभी 137 दवाओं पर समान रूप से लागू नहीं होगी। वास्तविक राहत दवा की मौजूदा कीमत और निर्धारित संशोधित मूल्य पर निर्भर करेगी।
1 नवंबर से क्या सस्ता और क्या महंगा?
नवंबर के इन बदलावों का असर अलग-अलग वर्गों पर अलग तरीके से पड़ेगा।
राहत मिलने वाले क्षेत्र:
- पात्र कारोबारियों को GST रिफंड की प्रक्रिया में तेजी।
- पोस्ट-सेल डिस्काउंट पर GST समायोजन की सुविधा।
- छोटे निर्यातकों के पात्र रिफंड पर 1,000 रुपये की न्यूनतम सीमा समाप्त।
- को-वर्किंग स्पेस से GST रजिस्ट्रेशन की सुविधा।
- कैंसर की 137 दवाओं की कीमतों में 9 नवंबर से संभावित कमी।
अतिरिक्त खर्च वाले क्षेत्र:
- PNB क्रेडिट कार्ड से 50,000 रुपये से अधिक के यूटिलिटी बिल भुगतान पर शुल्क।
- ATM से क्रेडिट कार्ड के जरिए नकदी निकालने पर संशोधित शुल्क।
- रिवॉर्ड पॉइंट रिडेम्पशन पर 99 रुपये का शुल्क।
- कुछ क्रेडिट कार्ड सेवाओं और देर से भुगतान पर बढ़े हुए शुल्क।
इसके अलावा पेंशनभोगियों को जीवन प्रमाण पत्र जमा करने की समयसीमा और निवेशकों को म्यूचुअल फंड के नए डिफॉल्ट विकल्प का ध्यान रखना होगा।
आम लोगों को किन बातों का ध्यान रखना चाहिए?
नवंबर में लागू हुए इन बदलावों के बीच बैंक ग्राहकों, पेंशनभोगियों और निवेशकों को कुछ जरूरी काम समय पर पूरे करने चाहिए।
- पेंशनभोगी 30 नवंबर से पहले जीवन प्रमाण पत्र जमा करें।
- PNB क्रेडिट कार्डधारक नए शुल्कों की जानकारी लेकर बिल भुगतान करें।
- म्यूचुअल फंड निवेशक Direct और Regular Plan के खर्च का अंतर समझें।
- SGB निवेशक अपनी सीरीज की रिडेम्पशन तारीख जांचें।
- कैंसर मरीज 9 नवंबर से दवाओं की नई कीमतों की जानकारी प्राप्त करें।
- कारोबारी GST क्रेडिट नोट और रिफंड से जुड़े नए प्रावधानों के अनुसार रिकॉर्ड अपडेट रखें।
1 नवंबर से लागू हुए ये बदलाव कारोबारियों, पेंशनभोगियों, बैंक ग्राहकों और निवेशकों के लिए महत्वपूर्ण हैं। जहां GST प्रक्रिया और कुछ दवाओं की कीमतों में राहत की उम्मीद है, वहीं PNB क्रेडिट कार्ड के कई इस्तेमाल पर अतिरिक्त शुल्क देना पड़ सकता है।