हवा में थम गई ‘जन्नत’ की सैर, गुलमर्ग रोपवे में 300 पर्यटक घंटों फंसे

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श्रीनगर।
जम्मू-कश्मीर के बारामूला स्थित मशहूर गुलमर्ग गोंडोला रोपवे में सोमवार दोपहर तकनीकी खराबी आने से सैकड़ों पर्यटकों की सांसें अटक गईं।

दुनिया के तीसरे सबसे ऊंचे केबल रोपवे के सभी केबिन अचानक बीच हवा में रुक गए, जिससे करीब 300 पर्यटक ऊंचाई पर फंस गए।

दुनिया के तीसरे सबसे ऊंचे गोंडोला में तकनीकी खराबी

सेना के अनुसार, करीब 65 केबिन हवा में अटके रहे। कई केबिन जमीन से लगभग 500 फीट ऊपर थे। शाम तक सेना, पुलिस, SDRF और NDRF की टीमों ने संयुक्त अभियान चलाकर 167 लोगों को सुरक्षित बाहर निकाल लिया, जबकि कई पर्यटक देर शाम तक केबिनों में फंसे रहे। रेस्क्यू के लिए रस्सियों और सीढ़ियों का सहारा लिया गया।

सेना ने रस्सियों-सीढ़ियों के सहारे शुरू किया बड़ा रेस्क्यू ऑपरेशन

भारी बारिश और खराब मौसम के कारण राहत अभियान में लगातार मुश्किलें आ रही हैं। अधिकारियों का कहना है कि सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालने में कई घंटे और लग सकते हैं। फिलहाल किसी के घायल होने की सूचना नहीं है।

24 घंटे में दूसरी बार बिगड़ी व्यवस्था

सूत्रों के मुताबिक, रविवार को भी गुलमर्ग गोंडोला में तकनीकी गड़बड़ी आई थी। मरम्मत के बाद सेवा दोबारा शुरू हुई, लेकिन 24 घंटे के भीतर फिर खराबी आने से सुरक्षा व्यवस्था पर सवाल खड़े हो गए हैं।

2017 में भी हो चुका है बड़ा हादसा

गुलमर्ग गोंडोला में इससे पहले जून 2017 में बड़ा हादसा हुआ था। तेज आंधी के दौरान पेड़ केबल लाइन पर गिर गया था, जिससे एक केबिन टूटकर नीचे गिर पड़ा और सात लोगों की मौत हो गई थी।

CM और LG लगातार ले रहे अपडेट

मुख्यमंत्री उमर अब्दुल्ला ने कहा कि सरकार हालात पर लगातार नजर बनाए हुए है और सभी पर्यटकों को सुरक्षित निकालने की कोशिश जारी है। वहीं उपराज्यपाल मनोज सिन्हा ने DGP को मौके पर भेजते हुए रेस्क्यू ऑपरेशन की मॉनिटरिंग के निर्देश दिए हैं।

एशिया का सबसे ऊंचा और लंबा रोपवे

गुलमर्ग गोंडोला एशिया का सबसे ऊंचा और लंबा केबल कार सिस्टम माना जाता है।

इसकी ऊंचाई करीब 3,980 मीटर तक जाती है।

यह गुलमर्ग से कोंगडोरी होते हुए अफरवात पीक तक पर्यटकों को पहुंचाता है और कश्मीर पर्यटन का प्रमुख आकर्षण है।