नीले ड्रम का राज: होटल के सपने पर विवाद, 21 वर्षीय बेटे ने की पिता की हत्या

लखनऊ।

उत्तर प्रदेश की राजधानी में रिश्तों को झकझोर देने वाला मामला सामने आया है। आशियाना कोतवाली क्षेत्र में एक पैथोलॉजी लैब संचालक की हत्या के आरोप में उनके 21 वर्षीय इकलौते बेटे को गिरफ्तार किया गया है।

पिता की हत्या के बाद बेटा प्लास्टिक के नीले ड्रम में शव को छिपाए रखा। उसने सबूत मिटाने की कोशिश भी की। तीन दिन बाद खुद ही गुमशुदगी दर्ज कराने थाने पहुंच गया।

लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी

पुलिस जांच के अनुसार, मृतक मानवेंद्र सिंह अपने बेटे अक्षत प्रताप सिंह को मेडिकल की पढ़ाई कर डॉक्टर बनाना चाहते थे। वे चाहते थे कि वह NEET क्वालीफाई कर MBBS करे।

वहीं, अक्षत कथित तौर पर होटल या रेस्टोरेंट खोलने के पक्ष में था। 20 फरवरी को इसी मुद्दे पर दोनों के बीच तीखी बहस हुई। आरोप है कि गुस्से में बेटे ने पिता की लाइसेंसी राइफल से गोली मार दी।

शव ठिकाने लगाने की कोशिश

पुलिस के अनुसार, हत्या के बाद आरोपी आरी और प्लास्टिक ड्रम खरीदकर लाया। उसने शव के टुकड़े कर उन्हें छिपाने की कोशिश की।

कमरे की बदबू खत्म करने के लिए लगातार स्प्रे करता रहा। बताया जा रहा है कि कुछ हिस्सों को ठिकाने लगाने के प्रयास भी किए गए।

गुमशुदगी की रिपोर्ट से खुला राज

घटना के तीन दिन बाद आरोपी खुद थाने पहुंचा और पिता की गुमशुदगी दर्ज कराई। पूछताछ के दौरान उसके व्यवहार पर पुलिस को शक हुआ।

सख्ती से पूछताछ में उसने जुर्म कबूल कर लिया। पुलिस ने मौके से शव के अवशेष बरामद किए हैं और आगे की जांच जारी है।

जांच के कई पहलू

मृतक पैथोलॉजी लैब के साथ अन्य कारोबार से भी जुड़े थे। पुलिस पारिवारिक, आर्थिक और मानसिक स्थिति सहित सभी पहलुओं की जांच कर रही है।

सवाल जो पीछे छोड़ गई घटना

यह मामला सिर्फ एक आपराधिक घटना नहीं, बल्कि पीढ़ियों के सपनों और अपेक्षाओं के टकराव का भी संकेत देता है।

पुलिस का कहना है कि तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जा रही है और विस्तृत विवेचना जारी है।

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