प्रवासी भारतीय सम्मेलन में उपहार के रूप में 70 देशों तक पहुंचेगी प्रदेश की संस्कृति

प्रवासी भारतीय सम्मेलन में आने वाले मेहमानों का स्वागत भारतीय परंपरा के अनुसार करने के साथ ही उनके सत्कार के लिए कई इंतजाम किए जा रहे हैं। मेहमानों में मन में इंदौर की यादें चिर स्थायी रहें, जिसके लिए खास तरह से तैयार किए गए उपहार दिए जाएंगे। मध्य प्रदेश की संस्कृति इन उपहारों के रूप में दुनिया के 70 देशों तक पहुंचेगी। इनमें देवास के बांस से बने बाक्स और उसमें रखा जूट-सिल्क का अंगवस्त्र खास होगा। इसके अलावा आर्गेनिक गुड़ पाउडर, समिट की जानकारी का फोल्डर, मुख्यमंत्री का पौधारोपण अभियान और इंदौर की स्वच्छता की कहानी कहता प्रपत्र रखा जाएगा। यह सभी वस्तुएं जूट से तैयार किए गए बैग में सलीके से रखकर मेहमानों को दी जाएंगी।
प्रवासी भारतीय सम्मेलन की तैयारी ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में अंतिम दौर में है। सत्तर देशों में रहने वाले प्रवासी भारतीय इस गौरवशाली आयोजन में सहभागी बनेंगे। दो देशों के राष्ट्राध्यक्ष के साथ ही अन्य कई देशों के राजनयिक भी आयोजन में शामिल होंगे। देश और दुनिया से आने वाले पांच हजार से ज्यादा लोगों को नौ तरह की वस्तुएं जूट के बैग में दी जाएंगी। बैग में इंदौर की एक चिट्ठी भी रहेगी, जो प्रवासी भारतीयों को स्वच्छता का संदेश देगी।
जूट-सिल्क के कपड़े पर उकेरा गोंड आर्ट
प्रवासी भारतीयों को नौ बाय पांच इंच का बांस से बना बाक्स दिया जा रहा है। इसमें रखा जाने वाला अंगवस्त्र जूट-सिल्क के कपड़े से तैयार किया गया है। इस कपड़े पर गोंड आर्ट को उकेरा गया है। अंगवस्त्र को आकर्षक बनाने के लिए इस पर बाग प्रिंट की कलाकारी भी की गई है, ताकि प्रदेश की सांस्कृतिक विरासत से प्रवासी भारतीयों को रूबरू कराया जा सके।

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