पत्रकार बेटे के हत्या पर छलका पिता का दर्द, जान के खतरा था, पुलिस से भी की थी शिकायत

 

अररिया में दैनिक जागरण के पत्रकार विमल कुमार की हत्या के मामले में 8 लोगों को पुलिस ने आरोपी बनाया है। वहीं इनमें से 4 आरोपियों विपिन यादव, भावेश यादव, आशीष यादव और उमेश यादव को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया है। अररिया में पत्रकार की गोली मारकर हत्या करने की घटना पर मृतक के पिता ने बताया कि विमल ने पुलिस को बताया था कि उसकी जान को खतरा है, उसने 3-4 दिन पहले ही पुलिस से सुरक्षा की गुहार लगाई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई।

दो आरोपी जेल में

स्थानीय पुलिस के मुताबिक, पत्रकार विमल कुमार की हत्या के मामले में 2 आरोपी रूपेश यादव और क्रांति यादव को गिरफ्तार कर अररिया जेल में बंद किया गया है और उन्हें रिमांड पर लिया जा रहा है। साथ ही 2 आरोपी फरार बताए जा रहे हैं।

घर में घुसकर मारी थी गोली

आपको बता दें कि बिहार के अररिया में दैनिक जागरण पत्रकार की दिनदहाड़े गोली मारकर हत्या कर दी। यह वारदात अररिया जिले के रानीगंज में हुई थी। विमल कुमार यादव के घर में घुसकर उन्हें गोली मार दी गई थी। करीब 4 साल पहले कुछ इसी तरह से विमल के भाई की भी हत्या गोली मारकर की गई थी। विमल के भाई सरपंच थे। विमल के पिता का कहना है कि विमल के भाई के हत्यारों को सजा मिल गई होती तो आज विमल की हत्या नहीं होती। हत्यारों को सजा नहीं मिलने का कारण उन्हें कोई खौफ नहीं है। उन्हें अब परिवार के अन्य सदस्यों की चिंता सता रही है।

भाई की हत्या के केस में मुख्य गवाह थे विमल

भाई की हत्या के मामले में विमल मुख्य गवाह थे और उन्हें गवाही नहीं देने के लिए लंबे समय से धमकियां मिल रही थी। पुलिस को इस मामले में शिकायत भी की गई थी लेकिन कोई कार्रवाई नहीं हुई थी। पत्रकार की हत्या का मामला सामने आने के बाद भी नीतीश कुमार ने कहा है कि बिहार में बाकी राज्यों की तुलना में अपराध कम है। कोई डेटा के आधार पर बात करे तो समझ जाएगा।

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