नई दिल्ली: नवंबर की शुरुआत देश के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के साथ हो सकती है। भारत मौसम विज्ञान विभाग (IMD) ने मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़, अरुणाचल प्रदेश, आंध्र प्रदेश, केरल और कर्नाटक समेत कई राज्यों में बारिश, गरज-चमक और आंधी की संभावना जताई है। बंगाल की खाड़ी में एक नया मौसमी सिस्टम सक्रिय हो रहा है, जिसके और मजबूत होने की आशंका है। इसके प्रभाव से पूर्वी, मध्य और दक्षिण भारत के कई इलाकों में बारिश की गतिविधियां बढ़ सकती हैं।
मौसम विभाग के अनुसार, बंगाल की खाड़ी के दक्षिण-पूर्वी हिस्से और अंडमान-निकोबार के आसपास बना अच्छी तरह चिह्नित निम्न दबाव क्षेत्र पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में आगे बढ़ सकता है। इसके डिप्रेशन और फिर चक्रवाती तूफान में बदलने की संभावना है। इसके 2 नवंबर की शाम तक आंध्र प्रदेश तट के पास पश्चिम-मध्य बंगाल की खाड़ी तक पहुंचने का अनुमान है।
मध्य प्रदेश और छत्तीसगढ़ में कैसा रहेगा मौसम?
मध्य प्रदेश के पूर्वी और पश्चिमी हिस्सों में अगले कुछ दिनों तक हल्की से मध्यम बारिश हो सकती है। पूर्वी मध्य प्रदेश और विदर्भ में गरज-चमक तथा बिजली गिरने की आशंका भी जताई गई है।
छत्तीसगढ़ में 1 और 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है। इसके बाद 3 और 4 नवंबर को भी बारिश का एक और दौर आने की संभावना है। कुछ इलाकों में तेज हवाओं के साथ गरज-चमक का मौसम बन सकता है।
आंध्र प्रदेश में भारी से बहुत भारी बारिश की चेतावनी
बंगाल की खाड़ी में बन रहे नए मौसमी सिस्टम का सबसे ज्यादा असर आंध्र प्रदेश के तटीय इलाकों में देखने को मिल सकता है। तटीय आंध्र प्रदेश और यनम में 1 नवंबर को भारी बारिश की संभावना है। 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश हो सकती है।
इस दौरान 30 से 40 किलोमीटर प्रति घंटे की रफ्तार से हवाएं चल सकती हैं, जिनकी गति कुछ स्थानों पर 50 किलोमीटर प्रति घंटे तक पहुंच सकती है। समुद्र में मौसम खराब रहने की आशंका को देखते हुए मछुआरों और तटीय क्षेत्रों में रहने वाले लोगों को स्थानीय प्रशासन तथा मौसम विभाग की सलाह पर ध्यान देना चाहिए।
अरुणाचल प्रदेश और पूर्वोत्तर के राज्यों में बारिश
पूर्वोत्तर भारत के कई राज्यों में नवंबर के शुरुआती दिनों में बारिश और गरज-चमक की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। अरुणाचल प्रदेश में 1 और 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश का अनुमान है।
असम, मेघालय, नागालैंड, मणिपुर, मिजोरम और त्रिपुरा में भी हल्की से मध्यम बारिश और गरज-चमक हो सकती है। पहाड़ी और निचले इलाकों में रहने वाले लोगों को स्थानीय मौसम चेतावनियों पर नजर रखने की सलाह दी जाती है।
केरल और कर्नाटक में भी बरसेंगे बादल
दक्षिण भारत के राज्यों में भी बारिश का दौर जारी रहने की संभावना है। केरल और माहे में 1 नवंबर को कुछ स्थानों पर बारिश हो सकती है। 2 और 3 नवंबर को राज्य के कुछ हिस्सों में भारी बारिश का अनुमान है।
कर्नाटक के तटीय इलाकों में बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं। दक्षिण आंतरिक कर्नाटक में 2 और 3 नवंबर को कुछ स्थानों पर भारी बारिश हो सकती है, जबकि उत्तर आंतरिक कर्नाटक में भी छिटपुट बारिश की संभावना है।
ओडिशा, बिहार और झारखंड में भी बारिश के आसार
ओडिशा में 1 और 3 नवंबर को भारी बारिश हो सकती है। 2 नवंबर को कुछ स्थानों पर बहुत भारी बारिश की आशंका है। झारखंड में 31 अक्टूबर से 5 नवंबर के बीच और बिहार में 31 अक्टूबर से 2 नवंबर तक हल्की से मध्यम बारिश की गतिविधियां जारी रह सकती हैं।
पश्चिम बंगाल और सिक्किम के कुछ इलाकों में भी 3 नवंबर तक बारिश और गरज-चमक हो सकती है। <Cite refs={[“turn782930search1″,”turn782930search2”]}/>
दिल्ली-NCR में कैसा रहेगा मौसम?
दिल्ली और आसपास के NCR क्षेत्रों में 1 नवंबर को आसमान सामान्यतः साफ या आंशिक रूप से बादलों वाला रह सकता है। फिलहाल राजधानी के लिए भारी बारिश की विशेष चेतावनी नहीं बताई गई है। हालांकि, कुछ इलाकों में तेज हवाएं चलने की संभावना है।
उत्तर-पश्चिम भारत के अधिकांश हिस्सों में मौसम अपेक्षाकृत शुष्क रहने का अनुमान है। दिल्ली-NCR के लोगों को स्थानीय पूर्वानुमान और मौसम विभाग की ताजा चेतावनी देखते रहना चाहिए।
बंगाल की खाड़ी में नया सिस्टम, चक्रवाती तूफान बनने की आशंका
मौसम में बदलाव की एक बड़ी वजह बंगाल की खाड़ी में विकसित हो रहा नया निम्न दबाव क्षेत्र है। IMD के अनुसार, यह सिस्टम पश्चिम-उत्तर-पश्चिम दिशा में बढ़ते हुए डिप्रेशन में बदल सकता है और इसके बाद चक्रवाती तूफान का रूप लेने की संभावना है।
यह सिस्टम हाल ही में आंध्र प्रदेश तट से गुजरे चक्रवाती तूफान ‘अर्नब’ के अवशेषों से अलग है। अर्नब का कमजोर हुआ सिस्टम दक्षिण-पूर्वी उत्तर प्रदेश के ऊपर समाप्त हो चुका है। इसलिए नए मौसमी सिस्टम को उसी तूफान का दोबारा सक्रिय होना नहीं समझना चाहिए।
खराब मौसम में इन बातों का रखें ध्यान
- गरज-चमक के दौरान खुले मैदान, पेड़ों और बिजली के खंभों से दूर रहें।
- तेज हवा के समय कमजोर छतों, होर्डिंग और पेड़ों के नीचे खड़े होने से बचें।
- भारी बारिश वाले क्षेत्रों में जलभराव और फिसलन भरी सड़कों पर सावधानी बरतें।
- नदी, नालों और निचले इलाकों के आसपास रहने वाले लोग स्थानीय प्रशासन की चेतावनी का पालन करें।
- मछुआरे समुद्र में जाने से पहले मौसम विभाग की ताजा सलाह जरूर देखें।
कुल मिलाकर, नवंबर की शुरुआत मध्य, पूर्वी, दक्षिणी और पूर्वोत्तर भारत के कई हिस्सों में बारिश और तेज हवाओं के साथ हो सकती है। बंगाल की खाड़ी में बन रहा नया सिस्टम अगले कुछ दिनों के मौसम को प्रभावित कर सकता है। मौसम विभाग के जिला-स्तरीय अलर्ट और स्थानीय प्रशासन की सलाह पर नजर रखना जरूरी है।