सिंहस्थ 2028 की बड़ी तैयारी: महू बनेगा वंदे भारत स्लीपर का मेंटेनेंस हब

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संदीप रायकवार,इंदौर।

सिंहस्थ 2028 को ध्यान में रखते हुए रेलवे ने मध्य प्रदेश को एक और बड़ी सौगात देने की तैयारी कर ली है। वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस ट्रेनों के मेंटेनेंस के लिए महू में आधुनिक कवर्ड शेड और दो नई पिटलाइन बनाई जाएंगी। इससे न केवल नई ट्रेनों का संचालन आसान होगा, बल्कि इंदौर-उज्जैन-रतलाम क्षेत्र की रेल क्षमता भी मजबूत होगी।

महू में क्यों बनाया जा रहा है मेंटेनेंस सेंटर?

रेलवे अधिकारियों के मुताबिक महू में रेलवे के पास पर्याप्त भूमि उपलब्ध है। इसी कारण यहां वंदे भारत स्लीपर एक्सप्रेस के लिए हाईटेक मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर विकसित करने का फैसला लिया गया है। परियोजना को मंजूरी मिल चुकी है और काम इसी साल शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।

 हाईटेक सुविधाओं से लैस होगा कवर्ड शेड

* वंदे भारत स्लीपर के लिए विशेष हाईटेक मशीनरी और सिस्टम

* एक साथ कई रैक के मेंटेनेंस की सुविधा

* तेज और सुरक्षित मेंटेनेंस प्रक्रिया

* भविष्य की ट्रेनों को ध्यान में रखकर डिजाइन

* इसका सीधा लाभ इंदौर, उज्जैन और रतलाम रेल मंडल को मिलेगा।

इंदौर–नागपुर वंदे भारत का मेंटेनेंस भी यहीं संभव

फिलहाल इंदौर से नागपुर के बीच चल रही वंदे भारत एक्सप्रेस का मेंटेनेंस इंदौर में हो रहा है। नई व्यवस्था लागू होने के बाद इंदौर और महू—दोनों स्थानों पर मेंटेनेंस किया जा सकेगा, जिससे परिचालन में लचीलापन बढ़ेगा।

पुणे, दिल्ली, मुंबई और हावड़ा रूट की राह होगी आसान

इंदौर से पुणे, दिल्ली, मुंबई और हावड़ा के लिए स्लीपर वंदे भारत एक्सप्रेस की लंबे समय से मांग है। कवर्ड शेड और पिटलाइन बनते ही:

— ज्यादा स्लीपर वंदे भारत ट्रेनों का संचालन संभव

— लंबी दूरी के रूट्स पर नई सेवाओं का रास्ता साफ

— सिंहस्थ 2028 के दौरान अतिरिक्त ट्रेनों के संचालन में सुविधा

 जहां से ट्रेन चलेगी, वहीं होगा मेंटेनेंस

रेलवे की नई नीति के तहत जिस शहर से ट्रेन का संचालन होगा, उसी शहर में उसका मेंटेनेंस किया जाएगा।

* इंदौर में प्लेटफॉर्म रिटर्न ट्रेनों का संचालन

* महू में स्थायी मेंटेनेंस इंफ्रास्ट्रक्चर

* समय की बचत और बेहतर सेवा गुणवत्ता