शिक्षकों को करना होगा प्रशिक्षण भुगतान, सरकारी अमले को सुविधा से शिक्षण तक प्रशासन की दिशा…

भोपाल
मध्यप्रदेश के सर्किट हाउस और रेस्ट हाऊस अगले साल जनवरी-फरवरी से सरकारी अधिकारियों-कर्मचारियों और आम नागरिकों को एडवांस शुल्क जमा कराने पर ही उपलब्ध हो पाएंगे। प्रोटोकाल में आने वाले विशिष्ट व्यक्तियों के लिए जिले के कलेक्टर शुल्क जमा कराकर यह सुविधा उन्हें उपलब्ध कराएंगे। इसके लिए हर जिले में दो कक्ष आरक्षित रहेंगे।  लोक निर्माण विभाग अपने विभागीय बजट की मदद से सभी सर्किट हाउस और रेस्ट हाऊसों को सभी अत्याधुनिक सुविधाओं और पर्याप्त अमले से लैस करने जा रहा है। पहले चरण में प्रदेश के 52 सर्किट हाऊस और 45 रेस्ट हाऊस चिन्हित किए गए है। इनमें जिला स्तर के 42, तहसील स्तर के 8 सर्किट हाउस शामिल है। जिला स्तर के 42 और टूरिस्ट स्थल के 3 रेस्ट हाउस भी इस योजना में शामिल किए गए है।  प्रदेशभर में कुल 1 हजार 458 कर्मचारी तैनात किए जाएंगे।  इनपर सालाना 24 करोड़ 65 लाख रुपए खर्च होगा।  

इस तरह होगी बुकिंग
 लोक निर्माण विभाग की पोर्टल और वेबसाइट पर आॅनलाईन इन 95 रेस्ट हाउस और सर्किट हाउस को बुक कराया जा सकेगा। सरकारी विभागों के अधिकारी कर्मचारी पहले खुद शुल्क जमा कराएंगे बाद में विभाग से इसकी प्रतिपूर्ति की जाएगी। प्रोटोकाल में आने वाले व्यक्त्यिों के लिए कलेक्टर शुल्क जमा कराएंगे बाद में राज्य शासन इसकी पूर्ति करेगा। आम नागरिक सीधे आॅनलाईन बुकिंग कर सकेंगे।  प्रस्तावित एक दिन और रात का किराया  सर्किट हाउस के लिए दो हजार रुपए और रेस्ट हाउस के लिए आठ सौ रुपए होगा।

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डाइट के प्राचार्यों की बैठक में हुई चर्चा, मुफ्त में मिलने वाले प्रशिक्षक महत्व नहीं समझते
 प्रदेश के स्कूलों में तैनात होने वाले शिक्षकों को अभी फाउंडेशन लर्निंग कोर्स, एससीआरटी, विषयवार प्रशिक्षण और राज्य और केन्द्र की जरुरतों के अनुरुप मुफ्त दिये जाने वाले प्रशिक्षण को भी सशुल्क करने की तैयारी है।

शिक्षकों को प्रशिक्षण देने वाली संस्था डाइट के प्राचार्यो की बैठक में इस पर चर्चा हुई है।  चर्चा में यह बिन्दू आया कि यह सामान्य अनुभव है कि मुफ्त में प्राप्त साधन का महत्व व्यक्ति समझ नहीं पाते अत: भविष्य में शिक्षकों को प्रशिक्षिण प्राप्त करने के लिए शुल्क लिया जाए। इस संबंध में जल्द ही आवश्यक कार्यवाही प्रारंभ की जाएगी। डाईट जिले की सर्वोच्च अकादमिक संस्था है। इसे एकेडमिक मेंटर संस्थान के रुप में तैयार किया जाएगा। डाइट में प्रोग्राम और एक्टिविटी मद से जिले के लिए आवश्यक कुछ महत्वपूर्ण ट्रेनिंग मॉडयूल और साहित्य तैयार किए जाएंगे। कक्षा एक और दो के शिक्षकों को लगातार सर्पोर्ट की जरुरत होती है जिसे सीएसी एवं बीएसी को प्रशिक्षितकर शालाओं में इनके द्वारा शिक्षक को आॅन द स्पॉट प्रशिक्षण देने हेतु तैयार किया जाएगा।

शिक्षक के खाते से कटेगा प्रशिक्षण शुल्क
अशासकीय विद्यालयों के शिक्षकों के लिए भी मॉड्यूलर कोर्सेस तैयार किए जाएंगे और इन्हें शुल्क लेकर शिक्षकों को प्रशिक्षण देने की प्रक्रिया पा्ररंभ की जाएगी। गुणवत्तायुक्त कोर्सेस को  आवश्यक होंने पर एससीईआरटी द्वारा सर्टिफिकेशन किया जा सकता है। जिले में डाइट के सहयोगी बीआरएी और सीआरसी के प्रशिक्षण भी शुरु होंगे। हार्ड स्पॉट पर सीएससी को प्रशिक्षण दिया जाएगा सीएसी और बीएसी को प्रशिक्षित कर शालाओं में इनके द्वारा शिक्षकों को आॅन द स्पॉट प्रशिक्षण हेतु भी तैयार किया जाएगा। भविष्य में शिक्षकों कोे प्रशिक्षण प्राप्त करने शुल्क देना होगा। यह शुल्क शासन द्वारा संबंधित शिक्षक के एकाउंट से समायोजित किया जाएगा।

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