मुख्य अतिथि महापौर श्री भार्गव ने अपने महाविद्यालयीन जीवन की याद करते हुए कहा -छात्र जीवन ज़िन्दगी के सफर का सबसे सुंदर पन्ना है।जिसमे जुनून,जोशऔर आंदोलन का जज्बा होता है। इसे जीवन में आगे भी बरकरार रखा जाना चाहिए।
प्रारंभ में श्री वैष्णव विद्यापीठ के कुलाधिपति पुरुषोत्तम पसारी एवं प्रबंधन वर्ग के अध्यक्ष मनोहर बाहेती ने संस्थान की विगत 56 वर्षोे की उपलब्धियों पर प्रकाश डाला। वहीं महाविद्यालय के प्राचार्य डॉ पारितोष अवस्थी ने संस्थान की वार्षिक गतिविधियों का विवरण दिया।
समारोह में संस्थान के विद्यार्थियों ने मनमोहन रंगारंग सांस्कृतिक कार्यक्रम प्रस्तुत किए। इनमें एं कु वैष्णवी व कोपल यादव के अलग.अलग समूह,महिलाओं के लिए जरूरी शिक्षा विषय पर आधारित एकांकी नाट्य प्रस्तुति प्रमुख तौर पर शामिल रहीं।