उमरिया
बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व के खितौली रेंज में हाथी कैम्प से करीब 300 मीटर पहले दुनिया की सबसे दुर्लभ प्रजाति की बिल्ली 'रस्टी स्पॉटेड कैट'देखी गई है। सैलानी चेतन घारपूरे ने 6 नवंबर की दोपहर दुर्लभ प्रजाति की इस बिल्ली को कैमरे में कैद किया। उन्होंने जानकारी दी कि दुनिया की सबसे छोटी बिल्ली की यह प्रजाति बांधवगढ़ में पहली बार देखी गई है।
सीधी के संजय डुबरी टाइगर रिजर्व में इससे पहले यह बिल्ली एक कैमरे में कैद हुई थी। पन्ना टाइगर रिजर्व में भी नाइट सफारी के दौरान पर्यटकों ने इस प्रजाति की बिल्ली नजर आई थी। इसके शरीर पर मटमैले रंग के धब्बों के कारण इसे रस्टी स्पॉटेड कैट कहा जाता है। भारत के दक्षिणी वन्य क्षेत्रों से लेकर नेपाल और श्रीलंका तक में पाई जाती थी। अब लगातार इनकी संख्या घटने से इसे विलुप्त होती जा रही है।
रस्टी स्पॉटेड कैट विलुप्तता के मामले में पीसीसीएफ वाइल्डलाइफ जेएस चौहान ने जानकारी दी कि शेड्यूल एक में रखा गया है। बिल्ली परिवार में बाघ सबसे बड़ा और ताकतवर जानवर है, तो रस्टी स्पॉटेड कैट सबसे छोटी है। इसकी उपलब्धता इस बात का परिचायक है कि बांधवगढ़ टाइगर रिजर्व का ईकोसिस्टम बहुत ही अच्छा है।
दुर्लभ बिल्ली के बादामी रंग की लकीरें और कत्थई-भूरे लाल रंग के धब्बे होते हैं। इसकी आंखों के ऊपर 4 काली रेखाएं होती हैं, जिनमें से 2 गर्दन के ऊपर तक फैली होती हैं। सर के दोनों तरफ 6 गहरे रंग कि लकीरे होती हैं जो गालों और माथे तक फैलती जाती हैं। इसकी पैरों ठुड्डी, गला, का अंदरूनी हिस्सा और पेट मुख्यतः सफेद होते हैं, या हो सकता है। जिस पर छोटे भूरे धब्बे होते हैं। इसके पूंछ और पंजे एक समान लाल भूरे रंग के होते हैं।















