शिक्षकों से शिक्षा के अलावा दूसरा काम कराने पर अब नपेंगे प्राचार्य

भोपाल.
 प्रदेश के सरकारी स्कूलों में कार्यरत शिक्षकों को अब यदि गैर शैक्षणिक कामों में लगाया गया तो ऐसे आदेश जारी करने वाले प्राचार्यो के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी। आयुक्त लोक शिक्षण अभय वर्मा ने प्रदेश के सभी जिला शिक्षा अधिकारियों और हाई तथा हायर सेकेण्डरी स्कूलों के प्राचार्यो को इस संबंध में निर्देश जारी किए है।

पूर्णकालिक रूप से शिक्षकों को गैर शैक्षणिक अथवा अन्य कामों में संलग्न किए जाने पर उनका वेतन आहरण करने पर रोक लगाए जाने जैसे निदे्रश जारी किए गए है इन निर्देर्शों के बाद भी अनाधिकृत रूप से गैर शैक्षणिक कार्यो में संलग्न किए जाने की शिकायतें समय-समय पर प्राप्त होती रही है

शिक्षकों को गैर शैक्षणिक अथवा अन्य कामों में संलग्न किए जाने की प्रवृत्ति पर रोक लगाने के लिए विमर्श पोर्टल पर एक मॉडयूल भी विकसित किया गया है। इस मॉडयूल में यदि किसी शिक्षक को जिला या अन्य स्तर से पूर्णकालिक रुप से संलग्न किया गया है तो संबंधित की जानकारी को अपलोड किया जाना है।

ऐसे शिक्षकों की जानकारी को सात दिन के भीतर अनिवार्यत: अपलोड किया जाना चाहिए। सभी प्राचार्यो का यह दायित्व है कि वे अपने अधीनस्थों पूर्ण कालिक एवं अंशकालिक रुप से संलग्न शिक्षकों की जानकारी को अपलोड करे ताकि इनको कार्यमुक्त करने की कार्यवाही की जा सके।

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यदि कोई शिक्षक गैर शैक्षणिक कार्यो में संलग्न है तो उसकी जानकारी विमर्श पोर्टल पर दर्ज नही की जाती है तो इस संबंध में संबंधितों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्यवाही की जाएगी।

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