डिंडौरी। Pregnancy test जिले में मुख्यमंत्री कन्या विवाह-निकाह योजना को लेकर एक विवादित मामला सामने आया है। योजना का लाभ लेने वाली युवतियों की एनीमिया सिकल सेल को लेकर की जांच के दौरान चार युवतियां गर्भवती पाईं गईं। उन्हें योजना के लिए अपात्र ठहरा दिया गया। विपक्ष ने शादी पूर्व युवतियों का प्रेग्नेंसी टेस्ट कराए जाने को लेकर सवाल खड़े किए हैं और इसे आदिवासी समाज की कन्याओं का अपमान बताया है।
अधिकारिक सूत्रों के अनुसार,जिला मुख्यालय में अक्षय तृतीया पर उक्त योजना अंतर्गत सामूहिक विवाह सम्मेलन आयोजित किया गया था। इसमें डिंडौरी, बजाग, समनापुर और करंजिया विकासखंड के 219 युवक-युवतियों का विवाह संपन्न कराए गए।
फेरों से पहले पंजीयन कराने वालों का सत्यापन कराया गया। साथ ही विकासखंड चिकित्सा अधिकारी डा़ एमएस धुर्वे की टीम ने युवतियों का सिकलसेल,एनीमिया को लेकर जांच की। ताकि शादी बाद आने वाली संतान पर विपरीत असर न पड़े ।
ज्ञात हो कि प्रदेश के जनजातीय वर्ग से सिकल सेल बीमारी को जड़ से खत्म करने के लिए राज्यपाल मंगु भाई पटेल की पहल पर विशेष अभियान चलाया जा रहा है। सिकल सेल एक घातक बीमारी है। जो जनजातीय वर्ग की महिलाओं में अधिक पाई जाती है। महिलाएं खून की कमी यानी एनीमिक होने से प्रसव के दौरान जच्चा-बच्चा को जान का खतरा बना रहता है।
गोलमोल जवाब से गहराया भ्रम
बहरहाल,इस जांच के दौरान बजाग और करंजिया विकासखंड के गांवों की चार युवतियों ने पीरियड मिस होने की बात कही।
यूरिन की जांच कराने पर वे गर्भवती पाई गईं। इसके चलते उन्हें योजना के लिए अपात्र ठहरा दिया गया।अधिकारियों द्वारा इस मामले में अलग-अलग व गोलमोल जवाब दिए जाने से जांच को लेकर भ्रम और गहरा गया। मामला तूल पकड़ने पर अब इस मामले की लीपापोती शुरू हो गई है।
जांच को लेकर उठे सवाल
कांग्रेस के क्षेत्रीय विधायक एवं पूर्व मंत्री ओमकार सिंह मरकाम ने विवाह पूर्व प्रेग्नेंसी टेस्ट कराए जाने पर सवाल खड़े किए हैं।
उन्होंने मीडिया से कहा कि यह बहन-बेटियों की निजता का हनन है। इस तरह उनकी बेइज्जती नहीं की जा सकती।
कमल नाथ ने किया ट्वीट
डिंडोरी में मुख्यमंत्री कन्यादान योजना के तहत किए जाने वाले सामूहिक विवाह में 200 से अधिक बेटियों का प्रेगनेंसी टेस्ट कराए जाने का समाचार सामने आया है।
मैं मुख्यमंत्री से जानना चाहता हूं कि क्या यह समाचार सत्य है? यदि यह समाचार सत्य है तो मध्यप्रदेश की बेटियों का ऐसा घोर अपमान…— Kamal Nath (@OfficeOfKNath) April 23, 2023
उधर, प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष कमलनाथ ने ट्वीट कर कहा है मुख्यमंत्री स्थिति स्पष्ट करें और मामले की निष्पक्ष और उच्च स्तरीय जांच कराएं। उन्होंने कहा कि यह समस्त स्त्री जाति के प्रति दुर्भावनापूर्ण दृष्टिकोण का मामला है।