भोपाल।(9826019364)
मध्यप्रदेश में मूंग खरीदी को लेकर सरकार ने राहत देने की कोशिश की है।
राज्य सरकार ने 60 प्रतिशत तक खरीदी का ऐलान किया और स्लॉट बुकिंग की अवधि 10 अगस्त तक बढ़ा दी।
हालांकि, इसी बीच केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के पत्र ने नई चर्चा छेड़ दी।
उन्होंने स्पष्ट किया कि 25 प्रतिशत से अधिक खरीदी राज्य को अपने संसाधनों से करनी होगी।
60 प्रतिशत खरीदी का ऐलान, अवधि भी बढ़ाई
कृषि मंत्री एदल सिंह कंषाना ने कहा कि सरकार 60 प्रतिशत तक मूंग खरीदेगी।
नर्मदापुरम, हरदा और सीहोर जैसे जिलों में लगभग तीन क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी का लक्ष्य रखा गया है।
इसके साथ ही स्लॉट बुकिंग की अंतिम तिथि 10 अगस्त कर दी गई है।
वहीं, मूंग खरीदी अब 20 अगस्त तक जारी रहेगी।
शिवराज के पत्र से बदला सियासी समीकरण

दूसरी ओर, केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान ने मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव को दो पृष्ठ का पत्र भेजा।
उन्होंने लिखा कि केंद्र ने 4.54 लाख मीट्रिक टन खरीदी का लक्ष्य तय नहीं किया है।
उन्होंने स्पष्ट किया कि पीएम-आशा योजना के तहत 25 प्रतिशत खरीदी की स्वीकृति है।
इसके बाद अतिरिक्त खरीदी राज्य सरकार को अपने खर्च पर करनी होगी।
किसानों ने राहत पैकेज को बताया लालीपॉप

सरकारी घोषणा के बावजूद किसान संतुष्ट नहीं दिखे।
उनका कहना है कि तीन क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी से नुकसान की भरपाई नहीं होगी।
प्रदर्शनकारी किसानों ने कम से कम पांच क्विंटल प्रति एकड़ खरीदी की मांग दोहराई।
उनका कहना है कि मौजूदा प्रस्ताव केवल आंदोलन शांत करने का प्रयास है।
किसानों ने सरकार के आश्वासन को लालीपॉप बताया।
उन्होंने कहा कि आंदोलन अभी खत्म नहीं हुआ,लेकिन अगली रणनीति विचार मंथन के बाद तय होगी।
तीसरे दिन भी जारी रहा आंदोलन

मूंग खरीदी, ई-टोकन व्यवस्था और अन्य मांगों को लेकर किसानों का प्रदर्शन तीसरे दिन भी जारी रहा।
बारिश के बावजूद बड़ी संख्या में किसान रोशनपुरा चौराहे पर डटे रहे।
इस बीच सरकार ने खाद वितरण में लागू ई-टोकन व्यवस्था फिलहाल स्थगित कर दी है।
इसके बावजूद प्रदर्शन समाप्त नहीं हुआ।
झड़प, घेराव और कड़ी सुरक्षा
इससे पहले एमपी नगर में किसानों और पुलिस के बीच धक्का-मुक्की हुई।
कुछ प्रदर्शनकारियों के कपड़े भी फट गए।
इसके बाद किसानों ने केंद्रीय कृषि मंत्री शिवराज सिंह चौहान के आवास का घेराव किया।
फिर वे मुख्यमंत्री निवास की ओर बढ़े, जहां भारी पुलिस बल पहले से तैनात था।
प्रशासन ने बसों और डंपरों से कई स्तर की बैरिकेडिंग की।
किसानों ने चेतावनी दी कि मांगें नहीं मानी गईं तो आंदोलन और तेज होगा।
प्रदर्शन में दिखे नए तरीके

आंदोलन के दौरान कुछ किसानों ने अर्धनग्न होकर विरोध जताया।
कई प्रदर्शनकारियों ने सड़क पर दाल-बाटी बनाकर सामूहिक भोजन किया।
इसके अलावा, युवाओं ने भी आंदोलन का समर्थन किया।
सरकार की सद्बुद्धि के लिए हवन का आयोजन भी किया गया।
स्कूल बंद, ट्रैफिक डायवर्ट

आंदोलन को देखते हुए कई मार्गों पर यातायात डायवर्ट किया गया।
इससे आम लोगों को आवाजाही में परेशानी हुई।
कलेक्टर प्रियंक मिश्रा ने नर्मदापुरम रोड के सभी सरकारी और निजी स्कूलों में अवकाश घोषित कर दिया।
मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने कहा कि सरकार बातचीत से समाधान चाहती है।
हमारी सरकार किसानों के साथ सदैव खड़ी है, हम सकारात्मक सुझावों के साथ समस्या का समाधान संवाद से निकालते हैं, जनता को कष्ट न हो इसकी चिंता दोनों पक्षों को करना चाहिए।
हमारी सरकार ने कमेटी गठित की है, जो किसान भाइयों से सतत संवाद कर रही है। pic.twitter.com/5k2QDQEsZJ
— Dr Mohan Yadav (@DrMohanYadav51) July 29, 2026