देश में स्कूलों की तस्वीर लगातार तेजी से बदल रही है। हर दिन औसतन 13 स्कूल बंद हो रहे हैं। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय की यूडाइस+ (UDISE+ – Unified District Information System for Education Plus) रिपोर्ट से सामने आई है। वर्ष 2024-25 में देश में कुल 14 लाख 71 हजार 473 स्कूल थे, जो 2025-26 में घटकर 14 लाख 66 हजार 682 रह गए हैं। मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा दो हजार 426 स्कूल बंद हुए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ स्कूलों की संख्या बढ़ने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होती। असली सवाल यह है कि उन स्कूलों में बच्चे पढ़ने आ भी रहे हैं या नहीं।
देश में स्कूलों की संख्या में क्या बदलाव हुआ है?
वर्ष 2024-25 में देश में कुल 14 लाख 71 हजार 473 स्कूल थे, जो 2025-26 में घटकर 14 लाख 66 हजार 682 रह गए हैं। यह जानकारी शिक्षा मंत्रालय की यूडाइस+ (UDISE+ – Unified District Information System for Education Plus) रिपोर्ट से सामने आई है।
मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा दो हजार 426 स्कूल बंद हुए हैं। यह आंकड़े बताते हैं कि सिर्फ स्कूलों की संख्या बढ़ने से शिक्षा व्यवस्था मजबूत नहीं होती।
क्यों हो रहे हैं स्कूल बंद?
शिक्षा मंत्रालय के एक वरिष्ठ अधिकारी का कहना है कि कई राज्यों में स्कूलों का आपस में विलय हो रहा है। इसी वजह से स्कूलों की संख्या में कमी दिख रही है। छोटे स्कूलों को बड़े स्कूलों में मिलाया जा रहा है।
वहीं हर राज्य की कहानी एक जैसी नहीं है। कुछ राज्यों में स्कूलों की संख्या घटने के बजाय बढ़ी है। फिर भी वहां छात्रों की संख्या कम हुई है।
स्कूल बंदी के क्या परिणाम हो रहे हैं?
देश में जीरो एनरोलमेंट यानी बिना छात्रों वाले स्कूलों की संख्या में पहली बार गिरावट आई है। एक साल पहले ऐसे स्कूल सात हजार 993 थे, अब यह संख्या घटकर पांच हजार 663 रह गई है।
लेकिन चौंकाने वाली बात यह है कि इन पांच हजार 663 स्कूलों में अब भी 20 हजार 667 शिक्षक तैनात हैं। यानी स्कूल में पढ़ने वाला कोई नहीं, फिर भी शिक्षक मौजूद हैं।
- देश में जीरो एनरोलमेंट स्कूलों की संख्या में गिरावट आई है।
- मध्य प्रदेश में सबसे ज्यादा दो हजार 426 स्कूल बंद हुए हैं।
- देश में स्कूलों की संख्या घटने के बावजूद शिक्षकों की संख्या बढ़ी है।