मध्य प्रदेश शिक्षक भर्ती में नया मोड़, 600 अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग रोकी गई

प्राइमरी शिक्षक भर्ती में आरसीआई सर्टिफिकेट के आधार पर 5% अतिरिक्त अंक मांगने वाले 600 अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग रोक दी गई है। इनमें से 600 लोगों ने सर्टिफिकेट जमा नहीं करा पाए, जिसके कारण विभाग ने उनकी ज्वाइनिंग रोक दी है।

मध्य प्रदेश के शिक्षा विभाग में चल रही प्राइमरी शिक्षक भर्ती में नया मोड़ आया है। कुछ अभ्यर्थियों ने आरसीआई सर्टिफिकेट के आधार पर 5% अतिरिक्त अंक मांगे थे। भर्ती प्रक्रिया में जब सभी 14 हजार पात्र अभ्यर्थियों की जांच हुई तो एक बड़ी बात सामने आई। इनमें से 600 लोग तय सर्टिफिकेट जमा नहीं करा पाए। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि ये सभी अभ्यर्थी अब कोर्ट पहुंच गए हैं। इसलिए फिलहाल इनकी ज्वाइनिंग रोक दी गई है।

इस फैसले का असर सिर्फ इन 600 लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। कहा जा रहा है कि इनकी जगह जो नए अभ्यर्थी चुने जाएंगे, उनकी ज्वाइनिंग भी अटक सकती है। कोर्ट पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि सर्टिफिकेट गलती से लग गया था। उनका दावा है कि जानबूझकर कोई गड़बड़ी नहीं की गई। अब पूरे मामले पर फैसला अदालत के हाथ में है। जब तक कोर्ट अपना आदेश नहीं सुनाता, स्थिति साफ नहीं होगी।

आरसीआई सर्टिफिकेट के आधार पर 5% अतिरिक्त अंक मांगने वाले अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग रोकी गई

प्राइमरी शिक्षक भर्ती में आरसीआई सर्टिफिकेट के आधार पर 5% अतिरिक्त अंक मांगने वाले 600 अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग रोक दी गई है। इनमें से 600 लोग तय सर्टिफिकेट जमा नहीं करा पाए। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि ये सभी अभ्यर्थी अब कोर्ट पहुंच गए हैं। इसलिए फिलहाल इनकी ज्वाइनिंग रोक दी गई है।

इस फैसले का असर सिर्फ इन 600 लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। कहा जा रहा है कि इनकी जगह जो नए अभ्यर्थी चुने जाएंगे, उनकी ज्वाइनिंग भी अटक सकती है। कोर्ट पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि सर्टिफिकेट गलती से लग गया था। उनका दावा है कि जानबूझकर कोई गड़बड़ी नहीं की गई। अब पूरे मामले पर फैसला अदालत के हाथ में है। जब तक कोर्ट अपना आदेश नहीं सुनाता, स्थिति साफ नहीं होगी।

ई-अटेंडेंस सिस्टम को लेकर सवाल उठे हैं

पूछा गया कि करीब 14 हजार लोग अभी भी ई-अटेंडेंस सिस्टम को फालो नहीं कर रहे। तो विभाग इस पर क्या कर रहा है। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि तीन लाख के करीब लोग सॉफ्टवेयर पर लगातार काम कर रहे हैं। उन्होंने माना कि कहीं-कहीं तकनीकी दिक्कत की वजह से भी ई-अटेंडेंस नहीं लग पा रहा।

ऐसे मामलों को जल्द सुधारा जाएगा। लेकिन आयुक्त ने चेतावनी भी दी। अगर कोई जानबूझकर ई-अटेंडेंस से बच रहा है तो उस पर दंडात्मक कार्रवाई होगी।

ज्वाइनिंग रोकने का फैसला क्यों लिया गया?

लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि ये सभी अभ्यर्थी अब कोर्ट पहुंच गए हैं। इसलिए फिलहाल इनकी ज्वाइनिंग रोक दी गई है। इस फैसले का असर सिर्फ इन 600 लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। कहा जा रहा है कि इनकी जगह जो नए अभ्यर्थी चुने जाएंगे, उनकी ज्वाइनिंग भी अटक सकती है।

कोर्ट पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि सर्टिफिकेट गलती से लग गया था। उनका दावा है कि जानबूझकर कोई गड़बड़ी नहीं की गई। अब पूरे मामले पर फैसला अदालत के हाथ में है। जब तक कोर्ट अपना आदेश नहीं सुनाता, स्थिति साफ नहीं होगी।

  • 600 अभ्यर्थियों की ज्वाइनिंग रोकी गई
  • इनमें से 600 लोग तय सर्टिफिकेट जमा नहीं करा पाए
  • कोर्ट पहुंचे अभ्यर्थियों का कहना है कि सर्टिफिकेट गलती से लग गया था

अब आगे क्या होगा?

अब पूरे मामले पर फैसला अदालत के हाथ में है। जब तक कोर्ट अपना आदेश नहीं सुनाता, स्थिति साफ नहीं होगी। लोक शिक्षण आयुक्त अभिषेक सिंह ने बताया कि ये सभी अभ्यर्थी अब कोर्ट पहुंच गए हैं। इसलिए फिलहाल इनकी ज्वाइनिंग रोक दी गई है।

इस फैसले का असर सिर्फ इन 600 लोगों तक सीमित नहीं रहेगा। कहा जा रहा है कि इनकी जगह जो नए अभ्यर्थी चुने जाएंगे, उनकी ज्वाइनिंग भी अटक सकती है।