भोपाल।
मध्यप्रदेश में सार्वजनिक परिवहन को नई रफ्तार मिलने जा रही है।
शुक्रवार से प्रदेश के 7 शहरों में सुगम परिवहन सेवा शुरू होगी।
इसके तहत कुल 351 बसें सड़कों पर उतरेंगी।
सबसे खास बात यह है कि इंटरसिटी सफर के लिए किराया 2 रुपए प्रति किलोमीटर तय किया गया है।
इससे यात्रियों को कम किराए में शहरों और जिलों के बीच सफर की सुविधा मिलेगी।
21 साल बाद फिर शुरू होगी राज्य स्तरीय बस सेवा

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव और केंद्रीय सड़क परिवहन एवं राजमार्ग मंत्री नितिन गडकरी
शुक्रवार को भोपाल के बीएचईएल दशहरा मैदान में आयोजित कार्यक्रम में बसों को हरी झंडी दिखाएंगे।
इसके साथ ही प्रदेश में करीब 21 साल बाद राज्य स्तर पर लोक परिवहन बस सेवा को नए स्वरूप में शुरू किया जाएगा।
सरकार का लक्ष्य केवल बसें चलाना नहीं है।
बल्कि आने वाले समय में पूरे परिवहन नेटवर्क को आधुनिक बनाने की योजना है।
CM ने रात में देखा तैयारियों का जायजा

सेवा की शुरुआत से एक दिन पहले गुरुवार शाम मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव बीएचईएल दशहरा मैदान पहुंचे।
उन्होंने कार्यक्रम स्थल की तैयारियां देखीं।
मंच और सभा स्थल का निरीक्षण किया।

इसके बाद मुख्यमंत्री ने बसों को भी देखा।
उन्होंने बस चालकों से बातचीत कर व्यवस्थाओं की जानकारी ली।
इस दौरान परिवहन सचिव मनीष सिंह(Photo) भी मौजूद रहे।
भोपाल, इंदौर समेत 7 शहरों को फायदा
सुगम परिवहन सेवा के तहत भोपाल, इंदौर, जबलपुर, ग्वालियर और उज्जैन समेत 7 शहरों को जोड़ा जा रहा है।
सरकार के मुताबिक, अलग-अलग एजेंसियों से संचालित बस सेवाओं को एक व्यवस्था के तहत लाने की तैयारी है।
इससे संचालन और निगरानी को बेहतर बनाने में मदद मिलेगी।
भोपाल में भोपाल सिटी लिंक लिमिटेड के साथ पीएम बस सेवा का संचालन भी किया जा रहा है।
एक जैसी दिखेंगी बसें
नई व्यवस्था के तहत बसों को एक समान पहचान देने की कोशिश की गई है।
इसके लिए बसों पर एक ही रंग या एक जैसे स्टीकर लगाए गए हैं।
अधिकारियों के मुताबिक, यह काम संबंधित बस एजेंसियों ने कराया है।
सोशल मीडिया पर बसों के फोटो और वीडियो सामने आने के बाद इसको लेकर चर्चा भी हुई थी।
इलेक्ट्रिक बसों को भी मिलेगा बढ़ावा
सुगम परिवहन सेवा में इलेक्ट्रिक बसें भी शामिल हैं।
ईएमटीईवी/ईजी ग्रीनमोबिलिटी की 12 मीटर इलेक्ट्रिक बसें लंबी दूरी के सार्वजनिक परिवहन के लिए तैयार की गई हैं।
इन बसों में प्रीमियम और एर्गोनॉमिक सीटिंग दी गई है।
यात्रियों के लिए व्यक्तिगत एयर वेंट भी हैं।
इसके अलावा बसों में बैठने की पर्याप्त जगह और आसान प्रवेश-निकास की व्यवस्था का दावा किया गया है।
बस स्टॉप और कंट्रोलिंग सिस्टम भी होंगे अपग्रेड
