भोपाल(9826019364)।
मध्य प्रदेश के सोयाबीन उत्पादक किसानों के लिए भावांतर भुगतान योजना में पंजीयन का आज अहम दिन है।
सरकार ने आवेदन की अंतिम तारीख 17 अक्टूबर से बढ़ाकर 24 अक्टूबर 2026 कर दी है।
ऐसे किसान, जो अब तक पंजीयन नहीं करा पाए हैं, उन्हें शनिवार तक मौका मिलेगा।
सरकार ने पंजीकृत किसानों का सत्यापन भी निर्धारित समय-सीमा में पूरा करने के निर्देश दिए हैं।
किसानों के लिए क्यों महत्वपूर्ण है आज का दिन?
खरीफ विपणन वर्ष 2026-27 के लिए योजना के तहत पंजीयन 3 अक्टूबर से शुरू हुआ था।
पहले इसकी अंतिम तारीख 17 अक्टूबर तय थी।
किसानों के कम पंजीयन को देखते हुए सरकार ने समय-सीमा एक सप्ताह बढ़ाई है।
इसका उद्देश्य उन पात्र किसानों को योजना से जोड़ना है,
जो किसी कारण से पहले आवेदन नहीं कर पाए थे।
पंजीयन के बाद दस्तावेजों और भूमि संबंधी रिकॉर्ड का सत्यापन भी जरूरी है।
भावांतर योजना क्या है और किसानों को कैसे मिलेगा लाभ?
यह योजना केंद्र की प्रधानमंत्री अन्नदाता आय संरक्षण अभियान (PM-AASHA) के तहत लागू की जा रही है।
इसका उद्देश्य मंडी में सोयाबीन का भाव न्यूनतम समर्थन मूल्य (MSP) से
कम मिलने पर पात्र किसानों को मूल्य अंतर की भरपाई करना है।
इसमें सरकारी एजेंसियों द्वारा पूरी उपज खरीदने के बजाय किसान मंडी में फसल बेच सकते हैं
और निर्धारित नियमों के अनुसार अंतर की राशि प्राप्त कर सकते हैं।
📋 योजना की जरूरी जानकारी
पंजीयन की अंतिम तारीख— 24 अक्टूबर 2026
ऑनलाइन पंजीयन—-ई-उपार्जन पोर्टल
योजना के तहत पात्र बिक्री की अवधि
22 अक्टूबर 2026 से 15 जनवरी 2027 तक अधिसूचित मंडियों में बिक्री, निर्धारित नियमों के अधीन।
भुगतान का तरीका
पात्र भावांतर राशि सीधे बैंक खाते में DBT के माध्यम से भेजी जाएगी।
किसान कहां और कैसे कराएं पंजीयन?
निम्न स्थानों पर पंजीयन करा सकते हैं:
– ग्राम पंचायत और जनपद पंचायत के सुविधा केंद्र।
– तहसील कार्यालयों में स्थापित सुविधा केंद्र।
– सहकारी समितियां और सहकारी विपणन संस्थाओं के केंद्र।
– एमपी ऑनलाइन, कॉमन सर्विस सेंटर और लोक सेवा केंद्र।
पंचायत और सहकारी केंद्रों पर पंजीयन निःशुल्क है।
अधिकृत कियोस्क या साइबर कैफे पर प्रति पंजीयन ₹50 शुल्क बताया गया है।
पंजीयन के लिए जरूरी दस्तावेज
– आधार कार्ड और उससे जुड़ा सक्रिय मोबाइल नंबर।
– भूमि संबंधी दस्तावेज और खसरा विवरण।
– बैंक खाता संख्या और IFSC कोड।
– पहचान पत्र और फोटो।
बैंक खाते,आधार और भूमि रिकॉर्ड में नाम का मिलान जरूर कराएं।
रजिस्ट्रेशन के बाद सत्यापन पूरा होने की पुष्टि भी कर लें।
💰 कितना मिलेगा भावांतर? जानिए गणना का नियम
भावांतर की राशि मंडी में मिलने वाले भाव और सरकार द्वारा निर्धारित मॉडल रेट के आधार पर तय होगी।
इसमें किसान का पंजीकृत रकबा, निर्धारित औसत उत्पादकता और पात्र बिक्री की मात्रा भी महत्वपूर्ण है।
मंडी में बिक्री की स्थिति भुगतान का नियम
बिक्री भाव MSP के बराबर या अधिक भावांतर राशि नहीं
विक्रय भाव MSP से कम, लेकिन मॉडल रेट से अधिक MSP और वास्तविक बिक्री भाव का अंतर
बेच का भाव मॉडल रेट के बराबर या उससे कम MSP और मॉडल रेट का अंतर
यह गणना योजना के निर्धारित नियमों के अनुसार होगी।
केवल पंजीयन कराने से निश्चित राशि मिलने की गारंटी नहीं है।
किसानों के लिए सबसे जरूरी सलाह
किसान 24 अक्टूबर की समय-सीमा से पहले पंजीयन पूरा करें।
आधार और बैंक विवरण में त्रुटि हो तो उसे तुरंत ठीक कराएं।
पंजीयन की रसीद सुरक्षित रखें और मंडी में फसल बेचते समय बिक्री संबंधी दस्तावेज संभालकर रखें।
खास बात: 22 अक्टूबर से योजना की पात्र बिक्री अवधि शुरू हो चुकी है।
इसलिए किसानों को पंजीयन के साथ-साथ मंडी भाव और मॉडल रेट पर भी नजर रखनी चाहिए।
Keywords
एमपी भावांतर योजना, सोयाबीन पंजीयन अंतिम तारीख, किसान भावांतर भुगतान,
e-Uparjan Portal, सोयाबीन MSP 2026, मध्य प्रदेश किसान समाचार