रवि अवस्थी,भोपाल।” Sehore Assembly कहावत है ,बरगद के नीचे अन्य पौधे नहीं पनपते…राजधानी भोपाल के समीपस्थ सीहोर विधानसभा सीट भी कुछ ऐसे ही हालात से गुजरती रही है…सीहोर यानी 16 वर्ष के मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान का गृह जिला… खास बात यह कि कांग्रेस हो या भाजपा दोनों के लिए यह सीट प्रयोगशाला की तरह रही..
मध्य प्रदेश गठन के साथ ही सीहोर विधानसभा Sehore Assembly अस्तित्व में आई…शुरुआती एक दशक तक यह कांग्रेस के प्रभाव वाली सीट रही। …तब भोपाल व इछावर सीहोर में शामिल थे..70के दशक में यहां जनसंघ का प्रभाव बढा और आपातकाल के दौर के बाद तो यह सीट पूरी तरह पहले जनता पार्टी और बाद में बीजेपी का गढ़ बन गई..
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान CM Shivraj singh इस वक्त मप्र भाजपा के पोस्टर मेन हैं—भोपाल से लेकर दिल्ली तक पार्टी उनके भरोसे एमपी में पांचवी बार सरकार बनाने की तैयारी में है —- सीहोर मुख्यमंत्री का गृह जिला है — बावजूद इसके बीते तीन दशक से सीहोर से भाजपा पूरी तरह गायब है—