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मध्य प्रदेश कांग्रेस ने संगठन को पूरी तरह नए सिरे से खड़ा करने की दिशा में बड़ा कदम उठाया है।
पार्टी ने प्रदेश, जिला और ब्लॉक स्तर तक के सभी विभागों और प्रकोष्ठों को तत्काल प्रभाव से भंग कर दिया है।
माना जा रहा है कि यह फैसला आगामी चुनावों और संगठन को अधिक सक्रिय बनाने की रणनीति का हिस्सा है।
दरअसल, पिछले दो दिनों से दिल्ली में कांग्रेस के ‘संगठन सृजन अभियान’ की समीक्षा बैठक चल रही थी।
बैठक में प्रदेश संगठन की कार्यशैली, सक्रियता और भविष्य की रणनीति पर विस्तार से चर्चा हुई।
इसके बाद संगठन में व्यापक बदलाव का फैसला लिया गया।
प्रदेश प्रभारी ने जारी किया आदेश
इसके बाद मध्य प्रदेश कांग्रेस के प्रभारी हरीश चौधरी ने आधिकारिक आदेश जारी किया।
इसमें प्रदेश,जिला और ब्लॉक स्तर तक के सभी विभागों एवं प्रकोष्ठों की इकाइयों को तत्काल प्रभाव से भंग करने के निर्देश दिए।
खराब परफार्मेंस वाले जिलाध्यक्ष हटेंगे
पार्टी ने पिछले साल अगस्त में नियुक्त किए गए जिलाध्यक्षों के काम का रिपोर्ट कार्ड तैयार किया है।
जिसके आधार पर अब खराब परफार्मेंस वाले जिलाध्यक्षों पर अब गाज गिरना तय है।
सूत्रों के मुताबिक,जिलाध्यक्षों के कामकाज को A, B, C और D चार श्रेणियों में बांटा गया है। D-ग्रेड यानी सबसे खराब परफॉर्मेंस देने वाले करीब आधा दर्जन (6) जिलाध्यक्षों को पद से हटाने पर दिल्ली की बैठक में सहमति बन गई है। इनके निष्कासन के आदेश कभी भी जारी हो सकते हैं।
