मप्र विधानसभा: अनुकंपा नियुक्ति मामलों में भी शिक्षक बनने पात्रता परीक्षा पास करना जरूरी

भोपाल। स्कूल शिक्षा विभाग में शिक्षक बनने के लिए अनुकंपा नियुक्ति प्रकरण वालों को भी पात्रता परीक्षा उत्तीर्ण करना अनिवार्य होगा। सहूलियत सिर्फ इतनी होगी कि एक बार परीक्षा पास करने पर पद रिक्तता अनुसार संबंधित को शिक्षक के पद पर नियुक्ति दी जा सकेगी।

यह जानकारी स्कूल शिक्षा मंत्री इंदर सिंह परमार ने बुधवार को राज्य विधानसभा में दी। विधायक राजश्री सिंह के एक ​लिखित प्रश्न के जवाब में स्कूल शिक्षा मंत्री ने कहा कि मध्‍य प्रदेश में लगातार पात्रता परीक्षा हो रही है और यह प्रतिवर्ष आयोजित होगी।

परमार ने कहा कि जितने भी रिक्त पद हैं, उन सभी को भरने का काम किया जाएगा। जिसने एक बार पात्रता परीक्षा पास कर ली, उसे बार-बार परीक्षा देने की आवश्यकता नहीं होगी। एक विभागीय परीक्षा लेकर हम उन्हें शिक्षक बनाने का काम करेंगे।

जहां तक अनुकंपा नियुक्ति के आधार पर शिक्षक बनने का सवाल है तो हमारी स्पष्ट मान्यता है कि हम शिक्षक के पद पर योग्यता के साथ समझौता नहीं कर सकते हैं। सभी की पात्रता होनी चाहिए, इसलिए पात्रता परीक्षा आयोजित करते हैं।

स्कूल शिक्षा मंत्री ने सदन में बताया कि अनुकंपा नियुक्ति के 54 मामले शिक्षा विभाग से संबंधित हैं। इनमें कुछ पद निकायों के अधीन थे और उनका शिक्षा विभाग में संविलियन होने के पूर्व निधन हो गया। इस कारण उनकी नियुक्ति का कोई प्रावधान नहीं है। कुछ ने जिस पद की मांग की है, वे उसके दायरे में नहीं आते हैं।

यदि वे पात्रता परीक्षा पास कर लेंगे तो अधिकतर लोगों की विज्ञान शिक्षक के पद पर अनुकंपा नियुक्ति कर देंगे। इसके लिए पात्रता परीक्षा पास करनी होगी, क्योंकि बिना योग्यता के किसी को भी शिक्षक के पद पर भर्ती नहीं कर सकते हैं।

शिक्षा का अधिकार अधिनियम में इसका प्रावधान है, जिसका पालन कर रहे हैं। हमने सभी से कहा है कि आप पात्रता परीक्षा पास कर लें। जो शिक्षक नहीं बनना चाहते हैं, उन्हें विभाग अनापत्ति प्रमाण भी दे रहा है, ताकि दूसरे विभाग में पद खाली हैं तो नियुक्ति मिल जाए।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *