मप्र:आदिवासी अंचल में होगी कृषि कैबिनेट,सरसों विक्रय पर मिलेगा 6 सौ रुपए बोनस

रवि अवस्थी,भोपाल।

विधानसभा के बजट सत्र के सातवें दिन सरकार ने एक साथ दो बड़े संकेत दिए। मालवा—निमाड़ के जनजातीय अंचल में सांस्कृतिक पहचान को राष्ट्रीय मंच देने का ऐलान और किसानों के लिए हजारों करोड़ की योजनाओं पर मुहर।

भगोरिया को मिलेगी राष्ट्रीय पहचान

मुख्यमंत्री डॉ. मोहन यादव ने मंगलवार को सदन में बड़ा एलान किया। उन्होंने कहा कि मालवा—निमाड़ जनजाति अंचल में मनाया जाने वाला भगोरिया अब राष्ट्रीय पर्व के रूप में मनाया जाएगा।

उन्होंने कहा कि भगोरिया पर्व के दौरान ही सरकार बड़वानी, धार और झाबुआ जैसे जनजातीय बहुल जिलों में कृषि कैबिनेट आयोजित करने की तैयारी में है। यह बैठक भगोरिया पर्व के दौरान ही होगी।

कृषि संग संस्कृति का मेल

संस्कृति और कृषि को साथ जोड़कर आदिवासी अंचल में सरकार अपनी जड़ों को मजबूत करना चाहती है। इससे पहले आज राज्य विधानसभा में ही कैबिनेट बैठक हुई।

इसमें सरकार ने एक दिन पहले सदन में की गई घोषणाओं को फैसले में बदल दिया।

बैठक में 10,500 करोड़ रुपये की किसान हितैषी 5 योजनाओं को 31 मार्च 2031 तक जारी रखने की मंजूरी दी।

मंत्रि-परिषद की बैठक में लिए गए निर्णय

  • किसान कल्याण वर्ष में कृषकों के लिए 5 योजनाओं की निरंतरता के लिए लगभग 10,500 करोड़ रुपए स्वीकृत।

  • पीएम राष्ट्रीय कृषि विकास योजना के लिए 2,014.83 करोड़ रुपए की स्वीकृति।

  • प्रधानमंत्री कृषि सिंचाई योजना के पर ‘ड्रॉप-मोर-क्रॉप’ घटक के लिए 2,393.97 करोड़ रुपए स्वीकृत।

  • राष्ट्रीय खाद्य सुरक्षा एवं पोषण मिशन के लिए 3,285.49 करोड़ रुपए की स्वीकृति।

  • नेशनल मिशन ऑन नेचरल फार्मिंग के लिए 1,011.59 करोड़ रुपए की स्वीकृति।

  • राष्ट्रीय खाद्य तेल मिशन (ऑयल सीड) के लिए 1,793.87 करोड़ रुपए स्वीकृत।

  • भावांतर योजना में सरसों उपार्जन की स्वीकृति।

  • खनिज अन्वेषण एवं विकास के लिए भवन निर्माण के लिए 34.02 करोड़ रुपए की स्वीकृति।

  • मध्यप्रदेश प्रशासनिक पुनर्गठन आयोग के प्रावधानों में बदलाव की स्वीकृति।

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