तेरा वैभव अमर रहे समारोह: बोले CM शिवराज देश के लिए जीना और प्रगति के रास्ते पर आगे बढ़ना

भोपाल
मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि देश की आजादी के लिए क्रांतिकारियों ने जान दी है और अब हमें देश को बनाने के लिए योगदान देना है। अच्छी पढ़ाई, मेहनत के जरिये हमें देश को आगे बढ़ाना है। हमें अपने स्वभाव और संस्कार को बनाए रखना है। हमें देश के लिए जीना है और देश को प्रगति के रास्ते पर लगातार आगे बढ़ाना है।

सांस्कृतिक और नैतिक प्रशिक्षण संस्थान द्वारा आयोजित कार्यक्रम में मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान ने इंदौर के अभय प्रशाल सभागृह में हजारों बच्चों को देश की आजादी के लिए बलिदान देने वाले क्रांतिकारियों की वीरगाथा मंच पर घूमते हुए सुनाई। उन्होंने कहा कि आजादी के दीवानों के बलिदान को भुलाया नहीं जा सकता। आजादी की लड़ाई लड़ने वाले क्रांतिकारियों द्वारा लगाए जाने वाले नारे वंदे मातरम को भी सीएम चौहान ने बच्चों से उच्चारित कराया।

फ्लाईओवर का शिलान्यास और स्ट्रीट वेंडर्स से बात
मुख्यमंत्री चौहान ने इंदौर प्रवास के दौरान फ्लाई ओवर का शिलान्यास करने के साथ स्ट्रीट वेंडर्स के साथ बैठकर संवाद किया और उनकी समस्याएं जानीं। सीएम चौहान ने पहले लवकुश चौराहा पर प्रस्तावित फ्लाईओवर ब्रिज का शिलान्यास एवं भूमि पूजन किया। इस अवसर पर नगरीय विकास एवं आवास विभाग मंत्री भूपेंद्र सिंह, जल संसाधन मंत्री तुलसीराम सिलावट, संस्कृति एवं पर्यटन मंत्री उषा ठाकुर, पूर्व लोकसभा अध्यक्ष सुमित्रा महाजन, बीजेपी के राष्ट्रीय महासचिव कैलाश विजयवर्गीय, सांसद शंकर लालवानी, महापौर पुष्यमित्र भार्गव सहित सभी विधायकगण, जनप्रतिनिधिगण मौजूद रहे। यह ब्रिज इंदौर विकास प्राधिकरण द्वारा बनाया जाएगा। इसकी लागत लगभग  56 करोड़ रुपए है। यह 6 लेन बनेगा। इस ब्रिज के बन जाने से नागरिकों को प्रमुख धार्मिक स्थली उज्जैन के साथ ही एरोड्रम, सुपर कॉरिडोर सहित अन्य स्थानों पर आने जाने में बेहद मदद मिलेगी।

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संस्कार स्वेच्छा से लिए जाते हैं, आर्डर या सर्कुलर से नहीं
गुणवंत सिंह कोठारी राष्ट्रीय संयोजक आईएमसीटीएफ ने कहा कि जो देश और समाज अपने बलिदानियों और शहीदों को भूल जाता है वह गुलामी की जंजीरों से मुक्त नहीं हो पाता। उन्होंने बच्चों का आह्वान करते हुए कहा कि भारत ने विश्व को परिवार माना है जबकि पश्चिम के लोग इसे व्यापार मानते हैं। कोठारी ने कहा कि जो संस्कार स्वेच्छा से लिए जाते हैं उसके लिए किसी आर्डर या सर्कुलर की जरूरत नहीं होती। स्कूल का नहीं स्कूल में कार्यक्रम होना चाहिए। उन्होंने बच्चों को अनुशासन और देश प्रेम की बातें बताते हुए तेरा वैभव अमर रहे को जीवंत बनाए रखने का आह्वान किया।

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