माना केंद्र अब प्रदेश में डीआईजी के खाली पदों की संख्या 11 नहीं बल्कि 12

भोपाल

डीआईजी के प्रदेश में खाली पदों को लेकर केंद्र और प्रदेश के बीच में लंबी जद्दोजहद चली। इस दौरान दोनों के बीच में कई पत्रों का आदान-प्रदान हुआ और आखिर में केंद्र को मानना पड़ा कि प्रदेश में डीआईजी के खाली पदों की संख्या 11 नहीं बल्कि 12 है। अब प्रदेश में एक जनवरी 2023 को 13 की जगह 14 आईपीएस अफसर डीआईजी के लिए पदोन्नत होंगे। बाकी के दो अफसर जब दो डीआईजी रिटायर होंगे तब पदोन्नत किए जाएंगे। दरअसल प्रदेश में प्रतिनियुक्ति पर आए डीआईजी रेंक के एक अफसर को लेकर एक पद की गफलत हो हुई थी।

वर्ष 2009 बैच के अफसरों को डीआईजी के पद पर पदोन्नत करने  के लिए प्रदेश की ओर से केंद्र को भेजे गए प्रस्ताव में खाली पदों की संख्या 12 बताई थी, लेकिन केंद्र ने 12 वां पद खाली मानने ने इंकार कर दिया था। इसके चलते केंद्र ने 11 खाली पदों पर पदोन्नति देने की मंजूरी दी। इसके साथ ही वर्ष 2005 बैच के डीआईजी  डॉ. आशीष और सुशांत सक्सेना के आईजी के पद पर पदोन्नत होने पर वर्ष 2009 के दो और अफसरों को डीआईजी के पद पर पदोन्नति देने की मंजूरी दी थी। इन 13 के अलावा दो अन्य डीआईजी के रिटायर होने के बाद उनके स्थान पर भी पदोन्नति दिए जाने की मंजूरी दी गई थी।

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विवेक राज सिंह का पद नहीं माना था खाली
जब यह मंजूरी पुलिस मुख्यालय पहुंची तो यहां से फिर 12वे खाली पद को लेकर पत्राचार शुरू किया गया। इसी दौरान छतरपुर डीआईजी विवेक राज सिंह अपने मूल कॉडर में वापस चले गए। उन्हें छतरपुर से रिलीव कर दिया गया। फिर केंद्र को बताया गया कि डीआईजी के 12 पद खाली हैं, इसे लेकर कई बार दोनों तरफ से पत्राचार हुआ और अंत में केंद्र ने मान लिया कि प्रदेश में डीआईजी के 12 पद इस वक्त खाली हैं। इस एक पद के बढ़ने से अब एक जनवरी को 14 अफसर डीआईजी के पद पर पदोन्नत होंगे। इन अफसरों के बाद डीआईजी रेंक के दो अफसर साल के बीच में रिटायर होंगे, उनकी जगह पर भी वर्ष 2009 बैच के अफसरों को पदोन्नत किया जाएगा।

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