एमपी में बारिश का कहर: नदियां उफान पर, 3 जिलों में स्कूल बंद; 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

मध्य प्रदेश में तेज बारिश से नदियां उफान पर हैं। मैहर, डिंडौरी और पन्ना में स्कूल बंद किए गए। सीधी में 30 गांवों का संपर्क प्रभावित हुआ। 16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी है।

भोपाल(9826019364)।

मध्य प्रदेश में बारिश का असर अब जनजीवन पर दिखने लगा है।

पूर्वी जिलों में कई नदियां उफान पर हैं। कुछ इलाकों में बाढ़ जैसे हालात बन गए हैं।

नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर बह रही हैं।

इसी बीच मैहर, डिंडौरी और पन्ना में स्कूलों की छुट्टी घोषित की गई है।

डिंडौरी में आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए हैं।

वहीं पन्ना में लगातार बारिश के कारण शुक्रवार और शनिवार को स्कूल बंद रहेंगे।

नदियां उफान पर, बांधों से छोड़ा जा रहा पानी

                                                                        (पन्ना के बृहस्पति कुंड में लगातार पानी आ रहा है।)

पन्ना जिले में केन, मिढ़ासन, व्यारमा और पतने नदी उफान पर हैं।

बढ़ते जलस्तर को देखते हुए तेंदुघाट बांध के पांच गेट खोले गए हैं।

                                                           (उमरिया:जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।)

उमरिया में जोहिला डैम के भी दो गेट खोले गए हैं।

दोनों गेट से एक-एक मीटर पानी छोड़ा जा रहा है।

लगातार बारिश के कारण नदी-नालों के आसपास रहने वाले लोगों की चिंता बढ़ गई है।

मैहर में सात फीट गहरे पानी में फंसा ट्रक

मैहर में गुरुवार देर रात मर्जुआ नाला पार करते समय एक ट्रक फंस गया।

नाले में करीब सात फीट तक पानी भरा था।

सूचना मिलते ही पुलिस और स्थानीय ग्रामीण मौके पर पहुंचे।

मुकुंदपुर चौकी प्रभारी नागेश्वर मिश्रा तैरकर ट्रक तक पहुंचे।

इसके बाद रस्सी की मदद से ड्राइवर राकेश साहू और क्लीनर इंद्रकमल द्विवेदी को सुरक्षित बाहर निकाला गया।

पहाड़ी खिसकी, 30 गांवों का संपर्क टूटा

                                                                  (उमरिया:जोहिला डैम के दो गेट खोलकर पानी छोड़ा जा रहा है।)

सीधी जिले के रामपुर नैकिन क्षेत्र में भारी बारिश से भवरसेन पहाड़ की मिट्टी खिसक गई।

सड़क पर मिट्टी और बड़े पत्थर आ गिरे।

इसके कारण यातायात पूरी तरह बंद हो गया।

करीब 30 गांवों का मुख्यालय से संपर्क प्रभावित हुआ है।

16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट

                                                           (टीकमगढ़ में भारी बारिश के चलते कई कालोनियों में पानी घुस गया।)

मौसम विभाग ने निवाड़ी, टीकमगढ़ और छतरपुर समेत 16 जिलों के लिए भारी बारिश का अलर्ट जारी किया है।

कुछ क्षेत्रों में अगले 24 घंटे के दौरान 4 से 8 इंच तक बारिश की संभावना जताई गई है।

                                                           (भेड़ाघाट,जबलपुर में नदी उफान पर है।)

ग्वालियर, दतिया, शिवपुरी, गुना और अशोकनगर भी अलर्ट वाले जिलों में शामिल हैं।

इसके अलावा विदिशा, रायसेन, नर्मदापुरम, सागर, दमोह, पन्ना, सीधी और सिवनी में भी भारी बारिश की चेतावनी है।

पूर्वी एमपी में सक्रिय है मजबूत सिस्टम

                                                                  (जबलपुर के बरगी डैम के 13 गेट खोल दिए गए हैं।)

मौसम विशेषज्ञों के अनुसार, मानसून ट्रफ और अन्य सिस्टम सक्रिय हैं।

इसका सबसे ज्यादा असर अभी पूर्वी मध्य प्रदेश में दिखाई दे रहा है।

डिंडौरी, पन्ना, रीवा, सतना और छतरपुर समेत कई जिलों में लगातार तेज बारिश हो रही है।

हालांकि, 20 से 24 अगस्त के दौरान बारिश का सिस्टम मध्य और पश्चिमी मध्य प्रदेश की ओर बढ़ सकता है।

अब तक सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश

                                                                                (चित्रकूट में सड़कों पर नावें चलाई गईं।)

प्रदेश में अब तक करीब 599 मिमी यानी 23.6 इंच बारिश दर्ज की गई है।

यह सामान्य औसत से करीब 11 प्रतिशत कम है।

पूर्वी मध्य प्रदेश में बारिश लगभग 11 प्रतिशत कम रही है।

वहीं पश्चिमी हिस्से में औसत से करीब 12 प्रतिशत कम बारिश दर्ज की गई है।

39 जिलों में अब भी बारिश की कमी

                                                                          (मैहर में भारी बारिश से नदी-नाले उफान पर हैं।)

प्रदेश के 39 जिलों में सामान्य से कम बारिश हुई है। कुछ जिलों में कमी 4 प्रतिशत है।

जबकि कुछ जिलों में यह अंतर 58 प्रतिशत तक पहुंच गया है।

बारिश की कमी वाले जिलों में छतरपुर, डिंडौरी, कटनी, मैहर, पन्ना, रीवा और टीकमगढ़ शामिल हैं।

दूसरी ओर, कुछ जिलों में सामान्य से अधिक बारिश दर्ज की गई है।

अगस्त में रिकॉर्ड बारिश का इतिहास

मध्य प्रदेश के कई शहर अगस्त में भारी बारिश के रिकॉर्ड बना चुके हैं।

भोपाल में अगस्त 2006 में करीब 35 इंच बारिश दर्ज हुई थी।

इंदौर में अगस्त 1944 के दौरान करीब 28 इंच पानी गिरा था।

ग्वालियर में 24 घंटे में साढ़े आठ इंच बारिश का रिकॉर्ड है।

जबलपुर में अगस्त 1923 में करीब 44 इंच बारिश दर्ज हुई थी।

वहीं उज्जैन में अगस्त 2006 में करीब 35 इंच बारिश हुई थी।

मुख्य बातें

नर्मदा और मंदाकिनी समेत कई नदियां खतरे के निशान से ऊपर।
मैहर, डिंडौरी और पन्ना में स्कूल बंद किए गए।
डिंडौरी में आंगनबाड़ी केंद्र भी बंद रखे गए।
तेंदुघाट बांध के पांच और जोहिला डैम के दो गेट खोले गए।
सीधी में पहाड़ खिसकने से करीब 30 गांवों का संपर्क प्रभावित।
16 जिलों में भारी बारिश का अलर्ट जारी।
प्रदेश में अब तक सामान्य से 11 प्रतिशत कम बारिश दर्ज।

Focus Keywords

मध्य प्रदेश बारिश,

MP Heavy Rain Alert,

स्कूलों की छुट्टी,

मैहर बारिश,

डिंडौरी स्कूल बंद,

पन्ना बारिश,

नर्मदा नदी जलस्तर,

मंदाकिनी नदी,

बाढ़ जैसे हालात,

MP Weather Update