इंदौर : हाथी को मिली जमानत, महावत और मालिक जेल गए

इंदौर में ऑटो चालक को कुचलकर मारने वाले हाथी को सशर्त जमानत मिल गई है, लेकिन हाथी शहर में नहीं घूम सकेगा, इसके साथ ही महावत को जेल भेज दिया गया है, यह जमानत वन विभाग से मिली है और इसमें कई शर्तें लगाई गई हैं

इंदौर।

इंदौर में ऑटो चालक की मौत का कारण बने हाथी को वन विभाग ने सशर्त जमानत दे दी है।

वहीं, हाथी के महावत और मालिक को अदालत से राहत नहीं मिली।

दोनों को लापरवाही के आरोप में जेल भेज दिया गया है।

अब हाथी वन विभाग की निगरानी में रहेगा।

उसे शहर में घूमने की अनुमति नहीं होगी।

गुड़ खिलाने के दौरान हुआ था हादसा

यह घटना राजनगर क्षेत्र में हुई थी।

उज्जैन से एक मांगलिक कार्यक्रम के लिए लाए गए हाथी को गुड़ खिलाया जा रहा था।

इसी दौरान वह अचानक आक्रामक हो गया और एक ऑटो चालक को कुचल दिया।

चालक की मौके पर ही मौत हो गई।

जमानत के साथ कई शर्तें

वन विभाग ने हाथी को जमानत देने से पहले सभी आवश्यक दस्तावेजों की जांच की।

रेंजर संगीता ठाकुर और वन रक्षक आशीष कुशवाह इसकी रिपोर्ट तैयार की।

इसके आधार पर तय किया गया कि न्यायालय के अंतिम निर्णय तक हाथी इंदौर से बाहर नहीं जाएगा।

साथ ही उसे सार्वजनिक स्थानों और शहर की सड़कों पर ले जाने की अनुमति भी नहीं होगी।

वन विभाग ने हाथी के भोजन, स्वास्थ्य और व्यवहार की नियमित निगरानी की व्यवस्था भी की है।

अधिकारियों का कहना है कि उसकी देखभाल पूरी सावधानी से की जाएगी।

महावत और मालिक को नहीं मिली राहत

दूसरी ओर, हाथी के महावत उमेश गोस्वामी और मालिक संदीप निर्मोही की जमानत अर्जी जिला अदालत ने खारिज कर दी।

अदालत का मानना है कि हाथी की देखभाल और नियंत्रण में लापरवाही बरती गई।

जिसके चलते यह हादसा हुआ।

दोनों को न्यायिक हिरासत में जेल भेज दिया गया।

जिम्मेदारी तय करने पर जोर

हादसे के बाद वन विभाग और प्रशासन की भूमिका भी सवालों के घेरे में है।

अब हाथियों के सार्वजनिक कार्यक्रमों में उपयोग, सुरक्षा मानकों और निगरानी व्यवस्था को लेकर नए सिरे से समीक्षा की जा रही है।

अधिकारियों का कहना है कि भविष्य में ऐसी घटनाओं की पुनरावृत्ति रोकने के लिए आवश्यक दिशा-निर्देश और सुरक्षा उपाय लागू किए जाएंगे।

See also  करंट की बाड़ में तेंदुआ, कुल्हाड़ी से मौत... छह माह बाद भी जांच फाइलों में