इंदौर। इंदौर में 3 दिनी प्रवासी भारतीय सम्मेलन के समापन के बाद बुधवार को 2 दिनी ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट शुरू हुई। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने वर्चुअली समिट का उद्घाटन किया। PM मोदी ने कहा- विकसित भारत के निर्माण में मप्र की भूमिका बहुत महत्वपूर्ण है। मप्र आस्था और अध्यात्म से लेकर पर्यटन, स्किल डेवलपमेंट और एजुकेशन में अजब भी है, गजब भी है और सजग भी है।
ये समिट तब हो रही है, जब भारत की आजादी का अमृत काल शुरू हो चुका है। हम सभी मिलकर विकसित भारत के निर्माण के लिए जुटे हैं। जब हम विकसित भारत की बात करते हैं तो ये हमारा सिर्फ एस्पिरेशन नहीं, बल्कि हर भारतीय का संकल्प है।
PM मोदी ने कहा- भारत विश्व के कई देशों से बहुत अच्छी स्थिति में है। भारत इस साल जी-20 ग्रुप में भी बढ़ती हुई इकॉनोमी वाला देश है। एक ताजा सर्वे में बताया गया कि विश्व के ज्यादातर इनवेस्टर्स भारत को पसंद कर रहे हैं।
रिफॉर्म की स्पीड को बढ़ाया
भारत इज ऑफ लिविंग एंड ईज ऑफ बिजनेस पर काम कर रहा है। एक निर्णायक सरकार, सही नीयत से चलने वाली सरकार विकास को गति देकर दिखाती है। विकास के लिए सभी फैसले उतनी ही तेजी से लिए जाते हैं। आपने भी देखा है हमने बीते 8 वर्षों में रिफॉर्म की स्पीड को बढ़ाया है।
बैंकिंग सेक्टर में रिकैपिटलाइजेशन और गवर्नर से जुड़े रिफार्म हों, GST के रूप में वन नेशन वन टैग जैसा सिस्टम बनाना हो, छोटी-छोटी गलतियों को ठीक करना हो… ऐसे कई रोड़े हमने इनवेस्टमेंट के नजरिए से हटाए हैं।
केन्द्रीय मंत्री पीयूष गोयल ने भी इन्वेस्टर्स समिट को वर्चुअल संबोधित किया। पीयूष गोयल बोले- मध्यप्रदेश भी हमारा एक उभरता हुआ हीरा है और मेरा विश्वास है, अटूट विश्वास है मप्र आगे चलकर देश की अर्थव्यवस्था को गति भी देगा। नए-नए अवसरों के साथ उद्योग जगत को आमंत्रण भी करेगा। उन्होंने कहा- मध्यप्रदेश के लिए यह सही समय है। इनवेस्टर्स के लिए यह अच्छा समय है। मध्यप्रदेश तेजी से ग्रोथ कर रहा है।
एमपी शांति का टापू
मुख्यमंत्री शिवराज ने कहा- एमपी शांति का टापू है। एक जमाना था, जब यहां अशांति थी। जब भाजपा ने सरकार बनाई तो मैंने कह दिया, प्रदेश में या तो डाकू रहेंगे या शिवराज रहेगा। सभी डाकुओं का सफाया कर दिया। उसके बाद डाकू पनप नहीं पाए। इंदौर का सराफा हमने 24 घंटे के लिए खोल दिया है। लोग रात के 2 बजे भी जाते हैं वहां।
ये ग्लोबल इनवेस्टर्स समिट सचमुच ग्लोबल है। 10 देशों ने भाग लिया है। दुनिया के 33 देशों के प्रतिनिधि हैं। 84 देशों के डेलीगेट आए हैं। यहां आपके बीच भी वन-टू-वन होगा। बायर-सेलर मीट भी है। भारत की सोच तो हजारों साल पहले से ग्लोबल है। जो विशाल हृदय के होते हैं, वो कहते हैं ये दुनिया एक विशाल परिवार है। सीएम ने कहा- एक जमाना था, जब मप्र बीमारू राज्य कहा जाता था।
सीएम बोले- लंदन वालों ने कहा- इंदौर की सड़कें तो लंदन से अच्छी हैं। मप्र हिंदुस्तान की स्वच्छ राजधानी है। भारत की जीएसटी में हमारा योगदान है। ये 4.6 परसेंट है। हमारा एक्सपोर्ट 60 हजार करोड़ से ज्यादा का हुआ है। भावी इनवेस्टमेंट के लिए ये प्लेटफार्म में सबको मिलाने का।
मप्र को 550 बिलियन डॉलर की इकॉनोमी बनाएंगे। सुविधाओं के लिहाज से देखें तो नंबर वन हैं। 2 लाख हेक्टेयर जमीन का लैंड बैंक है हमारे पास। इनवेस्टर्स नक्शे पर उंगली रखकर कह दें, ये जमीन हमें चाहिए हम दे देंगे। हम उनको 24 घंटे में आवंटित करके दे देंगे।
स्टार्टअप सहित हर क्षेत्र में निवेश के लिए पूरी मदद
मुख्यमंत्री श्री शिवराज सिंह चौहान ने कहा है कि टेक्सटाईल, नवकरणीय ऊर्जा, शिक्षा, फार्मा, स्वास्थ्य, स्टार्टअप सहित विभिन्न क्षेत्र में निवेश को प्रोत्साहित करने के लिए मध्यप्रदेश सरकार ने प्रोत्साहनकारी नीति लागू की है। इन्दौर में ग्लोबल इन्वेस्टर्स समिट में प्राप्त प्रस्तावों को जमीन पर उतारने के लिए पूरी मदद की जाएगी।
मुख्यमंत्री श्री चौहान आज समिट के पहले दिन वन-टू-वन मीटिंग के तृतीय सत्र में विभिन्न निवेशकों से अलग-अलग चर्चा कर रहे थे। आज ब्रिलियंट कन्वेंशन सेंटर में समिट में आए देश-विदेश के विभिन्न निवेशकों ने मुख्यमंत्री श्री चौहान से भेंट कर अलग-अलग क्षेत्रों में निवेश की इच्छा जताई। औद्योगिक नीति एवं निवेश प्रोत्साहन मंत्री श्री राजवर्धन सिंह दत्तीगांव इस दौरान उपस्थित रहे।
एमओयू होगा विश्वास का पुल
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने कहा कि प्रत्येक सेक्टर में उद्योग स्थापना के लिए राज्य सरकार पूर्ण सहयोग करेगी। मुख्यमंत्री श्री चौहान से आज मॉरीशस के वित्त मंत्री डॉ. आर. पदयाची के नेतृत्व में भेंट करने आए प्रतिनिधि-मंडल को आश्वस्त किया कि आप एमओयू तैयार करें। यह एमओयू मात्र दस्तावेज न होकर दोनों देशों के मध्य विश्वास का पुल होगा। मुख्यमंत्री श्री चौहान ने जी-20 सम्मेलन के माध्यम से भी विभिन्न राष्ट्र के आपसी सम्पर्क में प्रगाढ़ता और परस्पर सहयोग के प्रति आशा जताई।
स्टार्टअप के लिए नौजवानों को भरपूर मदद
मुख्यमंत्री श्री चौहान ने आज यूरोपियन समुदाय के प्रतिनिधि-मंडल से चर्चा में कहा कि मध्यप्रदेश स्टार्टअप के क्षेत्र में तेजी से आगे बढ़ा है। इंदौर शहर युवाओं को स्टार्टअप में प्रोत्साहित करने का केन्द्र बना है। राज्य सरकार ने स्टार्टअप नीति तैयार की, जिसका विमोचन प्रधानमंत्री श्री नरेन्द्र मोदी ने किया। प्रधानमंत्री का कहना है कि कार्य के लिए यही समय सही है। सिर्फ एक वर्ष में 2500 से अधिक स्टार्टअप सफलता के मार्ग पर बढ़े हैं।
उल्लेखनीय बात यह है कि राज्य की स्टार्टअप नीति अफसरों ने नहीं, नौजवानों ने ही बनाई हैं। युवाओं को इस क्षेत्र में पूरी मदद की जा रही है। यूरोपियन चेम्बर ऑफ कॉमर्स के सदस्यों में स्पेन, पौलेंड और डेनमार्क के 10 सीईओ भी शामिल थे।
ये भी हैं निवेश के इच्छुक
मुख्यमंत्री श्री चौहान से आज एपेरल एक्सपोर्ट प्रमोशन काउंसिल के चेयरमेन श्री नरेन गोयनका, बोत्सवाना दक्षिण अफ्रीका के चौपीस इंटरप्राईजेस के श्री रामचंद्रन ओटापथ्थू, आर. जी. फूड्स केरल के श्री विष्णु, आर.जी, वंडर ला हॉलिडेज लिमिटेड कर्नाटक के श्री के. उल्लास कामथ, यश टेक्नोलॉजी के श्री कीर्ति बहेती, प्रखर साफ्टवेयर दिल्ली के श्री जॉर्ज कुरूविला, नाहर स्पिनिंग मिल के श्री दिनेश ओसवाल, आईकिया इंडिया प्रायवेट लिमिटेड के श्री मोहित बंसल, आर सिस्टम इंटरनेशनल के प्रतिनिधि, हार्ट इंस्टीट्यूट नई दिल्ली के डॉ. विवेक गुप्ता, टीवीएस मोटर्स के प्रतिनिधि, टाटा समूह के प्रतिनिधि और अमूल ग्रुप के प्रतिनिधि भी मिले। नवकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में कार्य के लिए रालसन समूह ने भी रूचि व्यक्त की।